सरायकेला/ Pramod Singh जिले भर में विद्या, कला और संगीत की देवी मां सरस्वती की पूजा- अर्चना और बसंत पंचमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. सुबह से ही स्कूलों, कोचिंग संस्थानों और विभिन्न पूजा पंडालों में छात्र- छात्राओं की भारी भीड़ उमड़ी रही. हंसाहुड़ी, कोर्ट मोड़, बस स्टैंड, कवि टोला और गेस्ट हाउस सहित दर्जनों स्थानों पर भव्य पंडाल बनाकर मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित की गई. श्रद्धालुओं ने विधि- विधान से पूजा कर ज्ञान और सफलता का आशीर्वाद मांगा.

बसंत ऋतु के आगमन के प्रतीक इस पर्व पर बच्चे और श्रद्धालु पीले वस्त्रों में नजर आए. शिक्षण संस्थानों को पीले फूलों और आकर्षक रंगोली से सजाया गया था. सुबह 7:13 बजे शुभ मुहूर्त में पंडितों द्वारा पूजा संपन्न कराई गई. बच्चों ने अपनी किताबें और कलम मां के चरणों में अर्पित कर उज्ज्वल भविष्य की कामना की. कई स्थानों पर छोटे बच्चों का अक्षर-अभ्यास संस्कार भी कराया गया.

पूजा के बाद स्कूलों और पंडालों में सरस्वती वंदना और भक्ति गीतों का आयोजन हुआ. श्रद्धालुओं के बीच बूंदी, फल और पीले चावल का प्रसाद वितरित किया गया. बच्चों के चेहरों पर उत्साह और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला.
पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पूजा समितियों द्वारा सुरक्षा और व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए थे.

