सरायकेला/ Pramod Singh राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत निर्धारित थीम “सीख से सुरक्षा, तकनीक से परिवर्तन” के तहत शनिवार को अभियान के दसवें दिन सरायकेला- खरसावां जिले में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम कांड्रा टोल प्लाजा परिसर में जिला परिवहन पदाधिकारी के नेतृत्व में सड़क सुरक्षा टीम द्वारा संपन्न कराया गया.

कार्यक्रम के दौरान बड़े एवं छोटे वाहनों, विशेषकर टेंपो, मिनी वैन और ऑटो रिक्शा में क्षमता से अधिक सवारी ढोने से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की आशंकाओं और इससे जान-माल को होने वाले नुकसान के बारे में वाहन चालकों और आम लोगों को विस्तार से जागरूक किया गया. सड़क सुरक्षा टीम ने स्पष्ट रूप से बताया कि निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी ढोना मोटरयान अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है और यह यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है.

जागरूकता अभियान के तहत वाहन चालकों से यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने, वाहन की निर्धारित बैठने की क्षमता का सम्मान करने, सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से वाहन चलाने तथा सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की गई. इसके साथ ही नियमों के उल्लंघन की स्थिति में की जाने वाली वैधानिक कार्रवाई की जानकारी भी दी गई.
यह कार्यक्रम सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है. जिला परिवहन पदाधिकारी ने आम नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें.

