सरायकेला: जिले में बिजली विभाग की लापरवाही या ठेकेदार की मनमानी कहें, इसके कारण दो बड़े औद्योगिक समूह आमने- सामने आ गए हैं. मामला इतना बढ़ गया है कि दोनों कंपनियों के अधिकारी सड़क पर उतरकर एक-दूसरे के खिलाफ भिड़ गए.

जानकारी के अनुसार, रामकृष्ण फोर्जिंग लिमिटेड को रामचंद्रपुर ग्रिड से हाई टेंशन बिजली आपूर्ति के लिए पोल और तार लगाने का कार्य 95 फ़ीसदी पूरा हो चुका था. इसी बीच पिंडराबेड़ा के समीप अमलगम स्टील कंपनी के अधिकारियों ने काम रुकवा दिया. उनका आरोप है कि जिस पोल से आरकेएफएल को बिजली कनेक्शन दिया जा रहा है, वह वास्तव में उनकी कंपनी का है. अमलगम स्टील के अधिकारी तेजपाल सिंह ने बताया कि उन्होंने पहले ही बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन दिया था, लेकिन विभाग की वजह से कार्य अधूरा रह गया. उन्होंने ठेकेदार पर मनमानी का आरोप लगाया.
वहीं, आरकेएफएल के अधिकारी शक्तिपद सेनापति ने कहा कि उन्होंने सरकारी प्रावधानों के तहत कनेक्शन के लिए आवेदन किया है और 95 फ़ीसदी काम पूरा हो चुका है. यदि अमलगम स्टील को भविष्य में किसी तरह की क्षति होती है तो उसकी क्षतिपूर्ति करने के लिए वे तैयार हैं. इसके बावजूद अमलगम कंपनी पीछे हटने को तैयार नहीं हुई.
विवाद इतना बढ़ा कि अमलगम स्टील के पदाधिकारी रामचंद्रपुर ग्रिड में हंगामा करने लगे. विभागीय अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया. हालात बिगड़ते देख स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की, मगर दोनों कंपनियों के अधिकारी अपनी- अपनी जिद पर अड़े रहे.
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि विवाद जल्द नहीं सुलझा तो औद्योगिक माहौल प्रभावित हो सकता है. लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब जमीन सरकार की और काम भी सरकार का है, तो बिजली कनेक्शन को लेकर विवाद क्यों हो रहा है. ऐसे में अमलगम स्टील के दावे की तार्किकता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.

