आदित्यपुर: आरआईटी पुलिस ने ड्रग तस्कर मुकेश प्रजापति उर्फ़ राजा की गिरफ़्तारी को लेकर सख़्ती बढ़ा दी है. रविवार को दिनभर पुलिस राजा की तलाश में बंतानगर के इर्द- गिर्द भटकती रही. मुकेश को इसकी भनक लगते ही वह भूमिगत हो गया. हालांकि सुबह के वक्त उसे दुकान के आसपास देखा गया मगर जैसे ही उसे पता चला कि उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गया है वह भूमिगत हो गया.

इस दौर में मुकेश के करीबियों ने मैनेज का खेल भी शुरू किया मगर पुलिस अधीक्षक के सख्त निर्देश के बाद पुलिस पदाधिकारियों ने इस मामले में हाथ जालाने की हिम्मत नहीं जुटाई. अब देखना यह दिलचस्प होगा कि राजा पुलिस की गिरफ्त में आता है या कोर्ट में आत्मसमर्पण करता है. वैसे राजा के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद भी उसका स्टेशनरी शॉप खुला रहा इसको लेकर बंता नगर में तरह- तरह की चर्चाएं दिन भर हिलोरे मारती रही.
बता दें कि गांजा तस्करी से लेकर प्रतिबंधित ई- सिगरेट के अवैध कारोबार की कमाई से मुकेश प्रजापति उर्फ राजा ने अकूत दौलत कमाई और सरकारी जमीन पर आलीशान मकान और कारोबार खड़ा किया है. मूल रूप से शुरुआती दौर में मुकेश का परिवार अपने पारंपरिक व्यवसाय मिट्टी के बर्तन और बांस का कारोबार करता था. उसके बाद एक पान दुकान खोला यहीं से प्रजापति परिवार गांजा की तस्करी में संलिप्त हो गया और इस कदर डूबा कि आदित्यपुर का सबसे बड़ा गांजा कारोबारी बन गया.
स्लम एरिया में होने और पुलिस के रेड जोन से दूर होने का प्रजापति परिवार ने भरपूर फायदा उठाया. धीरे-धीरे मुकेश ने देश में प्रतिबंधित ई- सिगरेट के कारोबार की तरफ कदम बढ़ाया और छोटे- छोटे स्कूली बच्चों को इसका शिकार बनना शुरू किया. हाई सोसाइटी के बच्चों के बीच प्रतिबंधित ई- सिगरेट पहुंचाकर उसने युवाओं को मीठा जहर देना शुरू कर दिया. बच्चे अपने मां-बाप के गहने और जेवरात चोरी कर इसकी लत के शिकार होते गए.
हैरानी की बात तो यह है कि पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी. भेद शनिवार को खुला जिसे पुलिस रफा- दफा करना चाहती थी क्योंकि पुलिस को पहली बार इस तरह का मामला फेस करना पड़ा. मगर पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत मामले की गंभीरता को समझते ही एक्शन में आ गए और देर रात ई- सिगरेट अधिनियम के तहत FIR दर्ज करने का निर्देश दिया. तब जाकर मामले ने तूल पकड़ लिया और राजा मौके का फायदा उठाकर भूमिगत हो गया.
मालूम हो कि राजा ने तस्करी के कारोबार से कमाए गए पैसों से कई बार विदेश यात्राएं की है. पुलिस यदि सख़्ती से पूरे मामले की जांच करती है तो राजा का पूरा परिवार सलाखों के पीछे जा सकता है. वैसे आदित्यपुर में दिनभर इसकी चर्चा होती रही. लोग यह भी कहते सुने गए कि जिस तरह से आदित्यपुर में ब्राउन शुगर तस्करी पर एसपी ने नकेल कसा उसी तरह आरआईटी में भी नकेल कसने की जरूरत है. फिलहाल सबकी निगाहें राजा की गिरफ्तारी पर टिकी है.

