सरायकेला/ Pramod Singh जिले में बैंकों के पुराने और निष्क्रिय खातों में 50 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा होने का चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है. इस गंभीर विषय को लेकर सोमवार को सरायकेला टाउन हॉल में “आपकी पूंजी, आपका अधिकार” अभियान के तहत जिला स्तरीय अकाउंट सेटलमेंट सह जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक प्रेम रंजन प्रसाद सिंह उपस्थित रहे. कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया.

क्षेत्रीय निदेशक ने बताया कि भारत सरकार के वित्तीय सेवा विभाग, आरबीआई और बैंकों द्वारा 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक देशव्यापी अभियान चलाया जा रहा है, ताकि दस वर्ष या उससे अधिक समय से निष्क्रिय खातों के जमाकर्ताओं या उनके उत्तराधिकारियों को जागरूक किया जा सके. उन्होंने कहा कि ऐसे खातों में जमा राशि को सुरक्षा की दृष्टि से रिजर्व बैंक में स्थानांतरित कर दिया जाता है, लेकिन निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने पर खाताधारक या उनके वारिस उस राशि को वापस प्राप्त कर सकते हैं.
क्षेत्रीय निदेशक ने सामाजिक पहलू पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कई बार परिवार के बुजुर्ग भविष्य की चिंता में बैंक खातों में पैसे जमा कर देते हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में उनके उत्तराधिकारी उस धन से वंचित रह जाते हैं. उन्होंने बताया कि पूरे झारखंड राज्य में 46 लाख से अधिक ऐसे खाते हैं, जिनमें करोड़ों रुपये निष्क्रिय अवस्था में पड़े हुए हैं.
सरायकेला- खरसावां जिले की बात करें तो यहां 1 लाख 88 हजार 641 पुराने खाते हैं, जिनमें कुल 50 करोड़ 74 लाख रुपये जमा हैं. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जिले के विभिन्न बैंकों के 187 पुराने खातों से अब तक 68 लाख 29 हजार रुपये खाताधारकों या उनके उत्तराधिकारियों को वापस दिलाए जा चुके हैं. शिविर के दौरान ग्राहकों को अनक्लेम्ड डिपॉजिट की वापसी की पूरी प्रक्रिया सरल भाषा में समझाई गई और बैंकों से संपर्क करने की अपील की गई.
कार्यक्रम में विभिन्न राष्ट्रीयकृत एवं निजी बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी, एलआईसी प्रतिनिधि, जिला अग्रणी प्रबंधक और वित्तीय संस्थानों के समन्वयक मौजूद रहे. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर लोग समय रहते अपने पुराने खातों की जानकारी हासिल करें, तो करोड़ों रुपये दोबारा आम लोगों की जेब में लौट सकते हैं.

