सरायकेला Pramod Singh जगन्नाथ धाम पुरी की तर्ज पर सरायकेला में रथयात्रा के दसवें दिन महाप्रभु श्री जगन्नाथ अपनी बहन सुभद्रा और बड़े भाई बलभद्र के साथ रात्रि विश्राम के बाद बड़दांड कालूराम चौक से नंदीघोष पर सवार हुए और रथ यात्रा प्रारंभ हुई. हजारों की संख्या में भक्तों के साथ जय जगन्नाथ जय जय जगन्नाथ के जयकारे के बीच मुख्य सड़क मार्ग से होते हुए तकरीबन 600 मीटर की यात्रा कर बजरंग चौक पहुंचे.
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जहां से भक्तों ने महाप्रभु श्री जगन्नाथ और बहन सुभद्रा तथा बड़े भाई बलभद्र के विग्रह को कंधे पर उठाकर श्री मंदिर तक ले गए. श्री मंदिर स्थित सिंहासन पर विराजमान करने के पश्चात पंडित ब्रह्मानंद महापात्र द्वारा विधि विधान के साथ महाप्रभु का स्वागत और पूजा-अर्चना की गयी.
इसके बाद देवशयनी एकादशी पर महाप्रभु श्री जगन्नाथ चातुर्मास शयन के लिए चले गए. मौके पर जगन्नाथ सेवा समिति के सभी अधिकारी और सदस्य सहित दर्जनों की संख्या में श्री मंदिर में मौजूद रहे.
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