सरायकेला/ Pramod Singh प्रभु जगन्नाथ अपने दाउ बलभद्र व बहन सुभद्रा के साथ रविवार को रथ पर सवार होकर अगले वर्ष फिर दर्शन देने का वादा करते हुए श्रीमंदिर पहुंचे. मालूम हो कि सरायकेला में पुरी के तर्ज पर रथयात्रा महोत्सव का आयोजन किया जाता है. इसमें प्रभु जगन्नाथ श्रीमंदिर से मौसी बाड़ी एवं मौसी बाड़ी से श्रीमंदिर जाने में दो दिनों की यात्रा करते हैं.

प्रभु जगन्नाथ शनिवार को मौसी बाड़ी से श्रीमंदिर के लिए यात्रा शुरू किया था. रास्ते में प्रभु जगन्नाथ ने भाई बलभद्र व बहन सुभद्रा के साथ कालूराम चौक पर विश्राम किया. रविवार को यात्रा पूरी करते हुए प्रभु जगन्नाथ दाउ बलभद्र व बहन सुभद्रा के साथ श्रीमंदिर पहुंचे. कालूराम चौक पर महाप्रभु विश्राम के दौरान रविवार को दिन भर श्रद्धालुओं ने प्रभु का दर्शन कर पूजा- अर्चना की. शाम को प्रभु की यात्रा आरंभ हुई. इस मौके पर स्थानीय एवं दूरदराज से हजारों श्रद्धालु प्रभु श्री जगन्नाथ का दर्शन करने एवं रथ खींचने के लिए पहुंचे.

प्रभु जगन्नाथ का रथ निकलते ही पूरी कलानगरी जय जगन्नाथ के उद्घोष से गूंज उठा. ढोल, नगाड़े, करतल व घंटे की ध्वनि से कलानगरी गूंजायमान हो गई. इसके बाद भक्त रथ को आगे की ओर खींचते हुए श्रीमंदिर तक ले गए. बीच- बीच में श्रद्धालु रथ को रोक कर पूजा- अर्चना भी करते रहे. मान्यता है कि रथ पर सवार प्रभु जगन्नाथ के दर्शन मात्र से जीवन के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और प्राणी को मोक्ष की प्राप्ति होती है. बड़दांड़ में प्रभु रथ पर सवार रहते हैं. जो भक्त उनके दर्शन से वंचित रह जाते हैं वे दूसरे दिन भी आकर उनके दर्शन करते हैं. श्रीमंदिर पहुंचने पर तीनो विग्रहों की आरती उतारी गयी तथा भोग लगाया गया. भक्तों के बीच प्रसाद वितरण किया गया. इस मौके पर भीड़ पर नियंत्रण के लिए सरायकेला थाना प्रभारी विनय कुमार दलबल के साथ मौजूद रहे.

