सरायकेला: नगर पंचायत क्षेत्र में इन दिनों रथ मेला का आयोजन किया गया है जिसमें हर दिन दूर- दराज के ग्रामीण पहुंच रहे हैं. मगर नगर पंचायत प्रशासन को इस मेले के साफ- सफाई से कोई लेना- देना नहीं है. जगह- जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है जो कहीं ना कहीं स्वच्छ भारत अभियान की धज्जियां उड़ा रहा है. पांच दिनों से लगातार बारिश होन के करण गुंडिचा मंदिर के आसपास गंदगी का अंबार लग गया है स्थिति नारकीय हो गई है. इससे श्रद्धालुओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

नगर पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष सह मेला कमेटी के अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने इसको लेकर घोर आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा कि जब चुने हुए जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में मेला का आयोजन किया जाता था तब हर दिन मेला परिसर और आसपास साफ- सफाई कराई जाती थी. मगर, अब नगर पंचायत के पदाधिकारी लापरवाह हो गए हैं. वर्तमान नगर पंचायत के प्रशासक एक गैर जिम्मेदार व्यक्ति हैं उन्हें नगर की मूलभूत समस्याओं से कोई लेना- देना नहीं केवल वसूली में व्यस्त रहते हैं. उनके पदस्थापन के बाद सरायकेला शहर के अधिकतर लोग उन्हें नहीं पहचानते क्योंकि वह कभी- कभार कार्यालय आते हैं और आते भी है तो चेंबर में वसूली करके निकल जाते हैं. सरायकेला के सबसे बड़े धार्मिक अनुष्ठान रथयात्रा की साफ- सफाई को लेकर भी वे गंभीर नहीं है. उन्हें जनता की समस्याओं से कोई लेना- देना नहीं. बारिश के मौसम में वैसे भी जल जमाव की वजह से नगर पंचायत कई मोहल्लों में बीमारी का खतरा मंडरा रहा है. ना तो नियमित रूप से ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया जा रहा है ना ही मुकम्मल साफ- सफाई कराई जा रही है. ऐसे में मेला पहुंचने वाले लोग संक्रमण का शिकार हो सकते हैं. उन्होंने जिला प्रशासन से मेला परिसर में साफ- सफाई करने की मांग की है.नगर पंचायत की घटिया कार्य शैली का खामियाजा आए दिन शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है.
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