सरायकेला जिले के राजनगर प्रखंड क्षेत्र के सुदूरवर्ती गांव हेरमा के ग्रामीणों का मुख्यालय से संपर्क टूट गया है. बीती रात हुई भारी बारिश के कारण गुलिया से हेरमा जाने वाली एक मात्र मिट्टी मुरुम सड़क नाला के पास पूरी तरह से बह गई है. अत्यधिक बारिश से नाला के पास करीब 15 फिट से अधिक मिट्टी का कटाव हो गया है और सड़क के ऊपर पानी बह रही है. जिससे हेरमा के ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह ठप्प पड़ गया है. हेरमा गांव के ग्राम मुंडा व ईचा खरकई डैम विरोधी संघ के संयोजक दासकन कुदादा ने बताया कि हेरमा गांव के लिए मुख्यालय निकलने का यही एक मात्र मिट्टी मुरुम सड़क है, जिससे ग्रामीण आवागमन करते हैं. तीन चार दिन पहले ही ग्रामीणों द्वारा उक्त सड़क की श्रमदान कर मरम्मति की गई थी. नाला में ह्यूम पाइप लगाकर यातायात के लिए सड़क को सुचारू किया था, परंतु हर बरसात में हेरमा वासियों को यह समस्या झेलना पड़ता है. सड़क टूट जाने से स्कूली बच्चों को आने- जाने यहां तक कि मरीजों को लाने ले जाने में भी काफी दिक्कत होगी. इसके अलावे बारिश में गांव में कई मकान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं. स्थानीय लोगों ने कहा कि पिछले 25 वर्षों से हेरमा गांव के ग्रामीण यह दंश झेल रहे हैं. यहां की जनता अपनी मेहनत और भगवान भरोसे आश्रित हैं क्योंकि नेताओं और सरकार से जनता का संपर्क टूट गया है. ग्रामीण दासकन ने कहा कि सरकार ने ईचा खरकई बांध के नाम पर डूब क्षेत्र घोषित कर यहां सड़क, पुल- पुलिया एवं कोई भी विकास कार्य चलाना बंद कर दिया है, परंतु इस क्षेत्र में बसने वाली जनता आज भी सरकार चुनने के लिए वोट देती है.

