सरायकेला: अफीम की अवैध खेती की संभावना को पूरी तरह समाप्त करने के उद्देश्य से सरायकेला- खरसाववां पुलिस ने जिले में प्री कल्टीवेशन ड्राइव के तीसरे चरण की शुरुआत कर दी है. यह अभियान 2 नवंबर से 17 नवंबर 2025 तक चलाया जाएगा. इसके पहले इसका प्रथम चरण 8 से 22 सितंबर तथा द्वितीय चरण 3 से 17 अक्टूबर 2025 तक संचालित किया गया था.

अभियान के दौरान जिला पुलिस विभिन्न माध्यमों से लोगों को अफीम की अवैध खेती के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेगी और उन्हें वैकल्पिक कृषि अपनाने की शपथ दिलाएगी. इस अभियान के जरिये ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं, पशुपालन और अन्य रोजगारोन्मुखी विकल्पों के बारे में जानकारी दी जाएगी.

मालूम हो कि पिछले फसलीय वर्ष 2024- 25 में जिले में कुल 678.96 एकड़ क्षेत्र में अफीम की अवैध खेती का विनष्टीकरण किया गया था. जिले के कुचाई, खरसावां, कांड्रा, चौका और ईचागढ़ थाना क्षेत्र अफीम की खेती से सबसे अधिक प्रभावित हैं. इन इलाकों में इस बार विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा.

पुलिस अधीक्षक मुकेश लुणायत के निर्देश पर अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है. इसके तहत प्रभावित पंचायतों में सीओ, बीडीओ, वन विभाग, कृषि विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय कर पंचायतवार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं.

सप्ताहिक आधार पर पुलिस अधिकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों, मानकी- मुंडा, मुखिया एवं ग्राम प्रधानों के साथ बैठक करेंगे और अफीम की खेती नहीं करने की शपथ दिलाएंगे. इसके अलावा NDPS अधिनियम की कानूनी जानकारी दी जाएगी और आवश्यकतानुसार धारा 47 के तहत नोटिस भी जारी किए जाएंगे.

स्थानीय विद्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और सिविल सोसाइटी के सहयोग से भी जागरूकता अभियान एवं शपथ कार्यक्रम संचालित होंगे. साथ ही पिछले वर्ष विनष्ट किए गए खेतों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पुनः अवैध खेती की तैयारी न हो रही हो.

अभियान के पहले दिन 2 नवंबर को कुचाई थाना अंतर्गत जोड़ा सरजोम गांव, दलभंगा ओपी क्षेत्र के दलभंगा बाजार, खरसावां थाना क्षेत्र के नंदुडीह गांव, चौका थाना क्षेत्र के रेयारदा गांव तथा ईचागढ़ थाना अंतर्गत डुमटांड गांव में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए.

थाना प्रभारियों ने स्थानीय भाषा में ग्रामीणों को अफीम के दुष्प्रभाव, कानूनी प्रावधानों एवं वैकल्पिक खेती के लाभों की जानकारी दी. ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता हेतु डायल-112 पर संपर्क किया जा सकता है.


