सरायकेला/ Pramod Singh जिले में धान की खेती तय लक्ष्य से काफी पीछे चल रही है. कृषि विभाग ने इस साल जिले में एक लाख हेक्टेयर भूमि पर धान की खेती का लक्ष्य रखा था. लेकिन अब तक सिर्फ 6422 हेक्टेयर भूमि पर ही बुआई हो सकी है, जो कि मात्र 6.42 प्रतिशत है.

धान की खेती की स्थिति
रोपा विधि से खेती का लक्ष्य 73 हजार हेक्टेयर था. लेकिन अब तक सिर्फ 4672 हेक्टेयर भूमि पर ही रोपा विधि से धान की खेती हो पाई है. अधिक उपज देने वाले धान की खेती का लक्ष्य 46 हजार हेक्टेयर था, लेकिन सिर्फ 3320 हेक्टेयर भूमि पर ही इसकी बुआई हुई है.
बारिश की स्थिति
जुलाई के दूसरे सप्ताह में जिले में अच्छी बारिश हुई है. अब तक कुल 1742 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है. सरायकेला में 232 मिमी, खरसावां में 211 मिमी, कुचाई में 303.8 मिमी, गम्हरिया में 252 मिमी, चांडिल में 165.2 मिमी, नीमडीह में 189.4 मिमी, ईचागढ़ में 194.8 मिमी और कुकड़ू में 193 मिमी बारिश दर्ज की गई है.
अन्य फसलों की स्थिति
मक्का की खेती 6900 हेक्टेयर लक्ष्य के विरुद्ध 1460 हेक्टेयर में ही हुई है, जो 21.16 प्रतिशत है. दलहन की खेती 34600 हेक्टेयर लक्ष्य के विरुद्ध 1297 हेक्टेयर में हुई है, जो 3.75 प्रतिशत है. तिलहन की खेती 1390 हेक्टेयर लक्ष्य के विरुद्ध 86 हेक्टेयर में हुई है, जो 6.19 प्रतिशत है.
जिले में खेती की धीमी रफ्तार किसानों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है. कृषि विभाग के अधिकारी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं ताकि लक्ष्य को पूरा किया जा सके

