सरायकेला: जिले के कुचाई प्रखंड अंतर्गत पंचायत रोलाहातु के गांव जोम्ब्रो के टोला लोटाबुरु में पुलिस पर पैसे लेने के लगाए गए आरोपों को पुलिस प्रशासन ने सिरे से खारिज किया है. पुलिस अधीक्षक ने इसे अफीम माफियाओं की साजिश बताया है. पुलिस के अनुसार क्षेत्र में अवैध अफीम की खेती की सूचना मिलने के बाद सत्यापन के लिए पुलिस टीम को भेजा गया था. दो दिन पूर्व अफीम की खेती की जानकारी मिलने पर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर दलभंगा ओपी प्रभारी रविन्द्र मुंडा को मौके पर भेजकर मामले की जांच कराई गई थी. जांच में वसूली के आरोप निराधार पाए गए.

पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट कहा कि अफीम माफिया अपने अवैध कारोबार को बचाने के लिए भोले- भाले ग्रामीणों को गुमराह कर पुलिस को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस वर्ष पूरे जिले में अफीम की खेती के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है और किसी भी कीमत पर जिले में अफीम की खेती नहीं होने दी जाएगी.
वहीं ग्रामीणों का कहना है कि 17 जनवरी 2026 को दोपहर के समय करीब 16 लोग पुलिस की वर्दी में और हथियार लेकर जंगलीनाग के घर पहुंचे और वहां से पैसे ले लिए. ग्रामीणों का आरोप है कि जाते समय इन लोगों ने रात में दोबारा आकर धमकी भी दी.
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि उसी दिन जोम्ब्रो गांव के ही टोला मुरुपिरी में दुगा नामक व्यक्ति की राशन दुकान से भी पैसे लिए गए. इन आरोपों के बाद गांव में भय और आक्रोश का माहौल बन गया था. ग्रामीणों ने इस पूरे मामले में जोम्ब्रो स्थित पुलिस कैंप की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की थी.
पुलिस प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की आंतरिक जांच कर ली गई है और वसूली के आरोप पूरी तरह मनगढ़ंत पाए गए हैं. पुलिस ने ग्रामीणों से अफीम माफियाओं के बहकावे में न आने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी सीधे प्रशासन को देने की अपील की है.

