सरायकेला: आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत सरायकेला के काशी साहू कॉलेज स्थित सभागार में सरदार वल्लभ भाई पटेल की 146वीं जयंती के शुभ अवसर पर राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई गई. कार्यक्रम में जिला मुख्य न्यायाधीश विजय कुमार ने सरदार पटेल की तैलीय चित्र पर माल्यार्पण किया. माल्यार्पण के बाद सरदार वल्लभ भाई पटेल के विचारों को स्मरण करते हुए जिला मुख्य न्यायधीश विजय कुमार ने कहा, कि सरदार पटेल देश के महत्वपूर्ण सामाजिक और राजनीतिक नेताओं में से एक थे. लौह पुरुष सरदार पटेल ने देश की आजादी के संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. संघर्षों में तपकर उनका मनोबल लोहे की तरह दृढ़ हो गया था. अपनी इसी इच्छा शक्ति व दृढ़ मनोबल के दम पर उन्होंने देश की आजादी के बाद “एक भारत” बनाने का ऐसा मुश्किल काम कर दिखाया जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी. भारत के राजनीतिक इतिहास में सरदार पटेल के योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता है. देश की आजादी के संघर्ष में उन्होंने जितना योगदान दिया उससे ज्यादा योगदान उन्होंने स्वतंत्र भारत को एक करने में दिया. पटेल राष्ट्रीय एकता के बेजोड़ शिल्पी व नए भारत के निर्माता थे. नीतिगत दृढ़ता के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने उन्हें सरदार एवं लौह पुरुष की उपाधि दी थी. मौके पर नगर पंचायत के उपाध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव कुमार क्रांति प्रसाद मौजूद थे.


