सरायकेला/ Pramod Singh जिला मुख्यालय स्थित सामुदायिक भवन में शिक्षा के स्तर में सुधार और जनभागीदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से गुरुवार को एक दिवसीय जिला स्तरीय मुखिया सम्मेलन का आयोजन किया गया. इसमें जिले के विभिन्न पंचायतों के मुखियाओं ने भाग लिया और सरकारी विद्यालयों की स्थिति सुधारने, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने तथा शत- प्रतिशत नामांकन पर विस्तार से चर्चा की गई.


कार्यक्रम का शुभारंभ जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा, नगर पंचायत सरायकेला के अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी एवं अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया. अपने संबोधन में सोनाराम बोदरा ने कहा कि शिक्षा समाज के समग्र विकास की आधारशिला है. उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से विद्यालयों की नियमित निगरानी और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की.

नगर पंचायत सरायकेला के अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने जनप्रतिनिधियों को सरकार और समाज के बीच सेतु बताते हुए विद्यालय प्रबंधन समितियों को सशक्त बनाने, अभिभावकों से संवाद बढ़ाने और आधारभूत संरचना मजबूत करने पर जोर दिया, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके. इस दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी कैलाश मिश्रा ने बताया कि जिले में वर्तमान में लगभग 73 प्रतिशत बच्चों की ही नियमित उपस्थिति है, जबकि 27 प्रतिशत बच्चे अभी भी विद्यालय से दूर हैं, जो चिंता का विषय है. उन्होंने कहा कि शत- प्रतिशत नामांकन और उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जनप्रतिनिधियों का सहयोग बेहद जरूरी है.
सम्मेलन में मुखियाओं ने शिक्षकों की कमी, आधारभूत सुविधाओं और मध्याह्न भोजन से जुड़ी समस्याओं को भी उठाया. प्रशासन ने इन मुद्दों के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया. कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिनिधियों ने अपने- अपने क्षेत्रों में शिक्षा जागरूकता अभियान चलाने, नामांकन और उपस्थिति बढ़ाने तथा ड्रॉपआउट बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने का संकल्प लिया.
कार्यक्रम की शुरुआत में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत और पौधा भेंट कर अतिथियों का अभिनंदन किया. इस मौके पर जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो, डीआरडीए निदेशक अजय तिर्की सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.

