सरायकेला: जिले के मुरूप गांव में गुरुवार को हुए राधा- कृष्ण मंदिर का भूमिपूजन विवादों में घिर गया है. दरअसल जिस जमीन पर मंदिर निर्माण कार्य की आधारशिला समाज के लोगों ने पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के हाथों रखवाया उसके जमीन पर चितरंजन प्रधान नामक व्यक्ति ने दावा ठोंकते हुए अपनी पैतृक संपत्ति बताया और डीसी को आवेदन सौंपकर मंदिर निर्माण कार्य पर रोक लगवाने की मांग की है.

आवेदक चितरंजन प्रधान पिता स्व. चंद्रशेखर प्रधान, निवासी ग्राम मुरूप, पोस्ट बुरुडीह, थाना सरायकेला ने उपायुक्त को आवेदन देकर मौजा मुरूप, थाना नंबर 121, खाता संख्या 142, प्लॉट नंबर 45, रकबा 2.42 एकड़ जमीन पर हो रहे कथित अवैध कब्जे को हटाने की मांग की है.
आवेदक का आरोप है कि उक्त जमीन उनके नाम दर्ज पारिवारिक संपत्ति है, लेकिन क्षेत्रीय गौड़ समाज के लोगों ने इस प्लॉट पर अवैध कब्जा कर राधा- कृष्ण मंदिर निर्माण कराने की पहल शुरू कर दी है. चितरंजन प्रधान ने शिकायत में लिखा है कि समाज के लोगों ने उनसे इस संबंध में कभी कोई बातचीत या सहमति नहीं ली है.
गौरतलब है कि गुरुवार को मंदिर निर्माण कार्य की आधारशिला राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन द्वारा रखी गई थी. आधारशिला कार्यक्रम के बाद से ही यह मामला विवादों में आ गया है और दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बन गई है.
आवेदक ने प्रशासन से आग्रह किया है कि जमीन की मापी कराकर तथ्य स्पष्ट किया जाए और अवैध कब्जा हटाकर निर्माण कार्य को तुरंत रोकने की कार्रवाई की जाए. आवेदन पर प्रशासनिक स्तर पर आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, इस पर स्थानीय लोगों की नजर बनी हुई है

