सरायकेला/ Bipin Varshney जिले में अवैध खनन और अवैध परिवहन का खेल बेखौफ जारी है. इस पूरे नेटवर्क में अल्ट्राटेक, न्यूवोको, फर्स्ट चॉइस सहित कई मिक्चर प्लांटों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. आरोप है कि ये कंपनियां अपने वेंडर अक्षय मिनरल के माध्यम से बिना वैध चालन के बालू, गिट्टी और अन्य निर्माण सामग्री की खरीद कर रही हैं, जिससे अवैध खनन से जुड़े माफियाओं का हौसला लगातार बढ़ रहा है.

गौरतलब है कि उपायुक्त द्वारा अवैध खनन और परिवहन पर रोक को लेकर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ कई बार समीक्षा बैठक की जा चुकी है. निर्देश के बाद जिले के विभिन्न इलाकों में चेकनाका भी लगाए गए. इसके बावजूद हकीकत यह है कि बिना नंबर प्लेट और बिना चालन के वाहन खुलेआम मिक्चर प्लांटों तक पहुंच रहे हैं.
सूत्रों का दावा है कि जिले में चल रहा यह अवैध कारोबार पुलिस और प्रशासन की जानकारी में ही संचालित हो रहा है. यही कारण है कि चेकनाका महज दिखावा बनकर रह गए हैं और कार्रवाई कागजों तक सीमित नजर आ रही है.
जानकारों का मानना है कि यदि मिक्चर प्लांटों, वेंडर कंपनियों और संबंधित वाहनों की निष्पक्ष और सख्त जांच कराई जाए, तो अवैध खनन पर प्रभावी रोक लग सकती है. साथ ही राज्य सरकार के राजस्व में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी संभव है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रशासन इस पूरे मामले में कब तक आंख मूंदे रहेगा या फिर किसी बड़े एक्शन की हिम्मत दिखाएगा.

