कांड्रा/ Bipin Varshney हाट बाजार में बुनियादी सुविधाओं की कमी और मासूल वसूली को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. ग्रामीणों और सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि जब बाजार में शेड, साफ- सफाई और जल निकासी जैसी न्यूनतम व्यवस्थाएं नहीं हैं, तो ऐसे हालात में मासूल वसूली पूरी तरह अनुचित है.

विक्रेताओं ने मांग की है कि जबतक बाजार में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो जातीं, जिला प्रशासन को टेंडर रद्द करने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए. उनका कहना है कि प्रशासन को पहले बाजार में शेड निर्माण, जल निकासी व्यवस्था और साफ- सफाई पर ध्यान देना चाहिए. ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि टेंडर से पहले न तो विक्रेताओं और न ही स्थानीय निवासियों को निर्णय प्रक्रिया में शामिल किया गया, जिससे उनकी वास्तविक चिंताएं नजरअंदाज हो गईं.

ग्रामीणों ने प्रशासन से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है. अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है. फिलहाल, ग्रामीणों की मांगें वाजिब प्रतीत होती हैं और टेंडर रद्द करना एक व्यावहारिक विकल्प हो सकता है.

