सरायकेला/ Pramod Singh झारखंड के वीर शहीद निर्मल महतो की 76वीं जयंती के अवसर पर सरायकेला में झारखंड मुक्ति मोर्चा नगर अध्यक्ष शम्भू आचार्य के नेतृत्व में जोबा माझी कैंप कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. इस अवसर पर पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने शहीद निर्मल महतो के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला उपाध्यक्ष भोला महंती ने कहा कि 25 दिसंबर 1950 को जमशेदपुर में जन्मे निर्मल महतो झामुमो के संस्थापक सदस्यों में शामिल थे और उन्होंने दो बार पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष के रूप में संगठन का नेतृत्व किया. उन्होंने कहा कि निर्मल महतो आदिवासी, मूलवासी, गरीब, गुरुवा, किसान और मजदूर वर्ग के सच्चे मसीहा थे और उन्होंने झारखंड आंदोलन को नई दिशा दी.
व्यवसाय मोर्चा के जिला अध्यक्ष हरी लोहार ने कहा कि निर्मल महतो आंदोलन की उपज नेता थे और उन्होंने कठिन परिस्थितियों में पूरे झारखंड में पार्टी को मजबूत करने का कार्य किया. उनके त्याग और संघर्ष से आज झारखंड की राजनीतिक पहचान बनी है. नगर अध्यक्ष शम्भू आचार्य ने कहा कि निर्मल महतो झारखंड की भाषा, साहित्य, कला और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए हमेशा तत्पर रहते थे. उन्होंने कहा कि उनका जीवन झारखंडी अस्मिता और अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक है.
युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष उमेश भोल ने कहा कि आज की पीढ़ी को शहीद निर्मल महतो के संघर्षों और योगदान से सीख लेनी चाहिए. उन्होंने कहा कि उनके बताए रास्ते पर चलकर ही झारखंड के अधूरे सपनों को पूरा किया जा सकता है.
श्रद्धांजलि सभा में नगर सचिव तपन कामिला, अमूल्य महतो, हेमंत सिंह, कृष्णा राणा, राहुल आचार्य, रिकी पति, सुमित पति, सूरज दास, आशीष सरदार, लखन देवगम, सुनील साहू, बिक्रम परामानिक सहित बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता उपस्थित थे.

