सरायकेला/ Pramod Singh झारखंड मुक्ति मोर्चा सरायकेला नगर अध्यक्ष शम्भू आचार्य के नेतृत्व में नगर और प्रखंड समिति ने संयुक्त रूप से पूर्व मुख्यमंत्री, राज्यसभा सांसद और झारखंड आंदोलन के महानायक दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया. इस अवसर पर जोबा माझी कैंप कार्यालय परिसर में शोकसभा आयोजित की गई.

दिवंगत गुरुजी के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यकर्ताओं ने अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि दी. साथ ही उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन धारण किया गया. शोकसभा में वक्ताओं ने गुरुजी के व्यक्तित्व और योगदान को याद करते हुए उन्हें झारखंड की आत्मा बताया. जिला उपाध्यक्ष भोला महंती ने कहा कि दिशोम गुरु सिर्फ नेता नहीं थे, वो झारखंड की आत्मा थे. उनका जाना एक युग का अंत है.
व्यवसाय मोर्चा के जिला अध्यक्ष हरी लोहार ने कहा कि दिशोम गुरु हमारे आंदोलन की रगों में बहता हुआ विश्वास थे. वो कभी झुके नहीं, कभी थके नहीं. साहित्य और संस्कृति मोर्चा के जिला अध्यक्ष अबिनाश कबी ने कहा कि गुरुजी झारखंड की भाषा, कला, संस्कृति और पहचान को बचाने के लिए लगातार गांव-गांव घूमे. उनका योगदान अतुलनीय है. प्रखंड अध्यक्ष सुरेश हेम्ब्रम ने कहा कि उनका जीवन संघर्षों से भरा था. चाहे जमींदारी प्रथा हो या व्यवस्था की उपेक्षा, उन्होंने हर अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी.
नगर अध्यक्ष शम्भू आचार्य ने कहा कि आज की पीढ़ियाँ उनके संघर्षों को सुनकर बड़ी हुई हैं. अब हमारा कर्तव्य है कि उनके सपनों को पूरा करें और झारखंड को एक स्वाभिमानी, स्वशासी और समतामूलक राज्य बनाएं. यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी. शोकसभा में युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष उमेश भोल, व्यवसाय मोर्चा जिला उपाध्यक्ष सौरव साहू, किसान मोर्चा जिला सह- सचिव मुचिराम महंती, अल्पसंख्यक मोर्चा कोषाध्यक्ष शहजाद आलम, नगर सचिव तपन कामिला, नगर उपाध्यक्ष चन्दन पटनायक, हेमंत सिंह, श्रीधर सिंहदेव, कृष्णा राणा, मंटू आचार्य, रितेश आचार्य, सामु माझी, मुकुंद दास, हरिपदो मुर्मू, संजय दास, रौशन सामड़, जोगेश्वरी सरदार, सोनू सरदार, परशुराम बारिक, सिलाई बनरा, धीबई केराई, सुखलाल केराई, बुधु मंडल, सुनील साहू सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे.

