Saraikela Exclusive Report By Pramod Singh सरायकेला: सदर अस्पताल में मरीजों को लाने और ले जाने के लिए सरकारी स्तर से ममता वाहन की सुविधा प्रदान की गई है. लेकिन इस सुविधा के पीछे एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है, जब पता चला कि सदर अस्पताल में चल रहा एक ममता वाहन ऐसा भी है जो बिहार से पंजीकृत है और उसका नंबर BR16F- 0798 है.

कोई रिकॉर्ड नहीं
जब इस नंबर को आरटीओ के ऐप पर डाला जाता है तो उसका कोई रिकॉर्ड नहीं दिखाता. मजे की बात यह है कि जिस एनआरएचएम के तरफ से ममता वाहन चालक को वर्क ऑर्डर दिया गया उसके कागजात की जांच भी नहीं की गई.
सुरक्षा की जिम्मेवारी किसकी !
जिस वाहन का कोई रिकॉर्ड नहीं मिल रहा उस वाहन से आने जाने वाले मरीज की सुरक्षा की जिम्मेवारी किसकी होगी. अगर कभी यह वाहन दुर्घटना ग्रस्त होता है तो उसमें सवार मरीजों को कोई लाभ भी नहीं मिल पाएगा.
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी निष्क्रिय
बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी निष्क्रिय बने हुए हैं. सवाल यह है कि बिना किसी वैध रिकॉर्ड के इस वाहन को कैसे वर्क ऑर्डर दिया गया और अब तक इसकी जांच क्यों नहीं की गई.
मरीजों की सुरक्षा पर सवाल
इस पूरे मामले ने मरीजों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और मरीजों की सुरक्षा को कैसे सुनिश्चित किया जाएगा.

