सरायकेला/ Pramod Singh झारखंड राज्य चतुर्थ वर्गीय सरकारी कर्मचारी संघ के जिला इकाई की ओर से शनिवार को जिला मंत्री अमर नाथ तिवारी की अध्यक्षता में जिला मुख्यालय पर एक दिवसीय धारणा प्रदर्शन का आयोजन किया गया. धरना के बाद कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह को चार सूत्री मांगपत्र सौंपा है.

जानकारी देते हुए अमर नाथ तिवारी ने बताया कि चार सूत्री मांग को लेकर राज्य स्तरीय संघ के आह्वाहन पर जिला स्तरीय एक दिवसीय धरणा प्रदर्शन के माध्यम से उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा गया है. जिसमे झारखंड सरकार के सभी विभागों में कार्यरत चतुर्थ वर्गीय सरकारी कर्मचारियों को उनकी वरीयता व योग्यता के आधार पर तृतीय वर्ग में प्रोन्नति करने, केंद्र सरकार के अनुरूप 1800 ग्रेड पे का वर्गीकरण समूह ग में करने, दस वर्ष की सेवा के बाद ग्रेड पे 2400 करने एवं छठा वेतनमान आयोग के अनुसार कर्मचारियों को दिए जा रहे वेतनमान में संशोधन करते हुए 3050- 4590 करने की मांग की गई है. जिला मंत्री ने कहा कि झारखंड निर्माण के समय से ही यहां के चतुर्थ वर्गीय सरकारी कर्मचारीयों के साथ अन्याय किया गया है. उन्होंने कहा कि संयुक्त बिहार के समय से ही योग्यता के आधार पर तृतीय वर्ग के पद पर 25 प्रतिशत पदों पर प्रोन्नति के साथ नियुक्ति का प्रावधान रहा है. किंतु झारखंड के अलग राज्य बनते ही यहां के कर्मचारियों से यह सुविधा को छीनकर आयोग में बैठने की बाध्यता कर दी गई है. संघ ने सरकार से अपने चार सूत्री मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन का रास्ता अख्तियार किया गया. आज के जिलास्तरीय धरना के माध्यम से सरकार को ध्यान आकृष्ट कराया गया है. हमारी मांगों पर सरकार विचार नहीं करती है तो संघ की ओर से आगामी 30 जुलाई को राज्य स्तरीय धरना- प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा. मौके पर राजेंद्र राम, सूरज कुमार राम, सरिता देवी, रविन्द्र बेहरा, फ्रांसिस गुड़िया, रायमुनी मुंडा, सुमित कुमार, मंजू देवी, डोमेन टुडू एवं धीरेन्द्र कुमार सतपति के साथ अन्य कर्मी मौजूद थे.

