सरायकेला/ Pramod Singh जिले की सरकारी शराब दुकानों पर नकली शराब बेचने और प्रिंट रेट से अधिक मूल्य वसूलने के गंभीर आरोप सामने आए हैं. कई ग्राहकों ने बोतलों की गुणवत्ता संदिग्ध बताई है और शिकायत करने पर कर्मचारियों द्वारा दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया है. ग्राहकों के अनुसार, एक युवक ने काउंटर से आरएस ब्रांड की हाफ बोतल खरीदी, लेकिन हल्का सा छूते ही ढक्कन खुल गया. दूसरी बोतल में भी वही समस्या रही. शिकायत करने पर कथित रूप से कर्मचारियों ने अभद्र व्यवहार किया और गाली-गलौज करते हुए युवक को दुकान से भगा दिया.

कुछ ग्राहकों ने यह भी दावा किया कि सरकारी दुकानों में शराब प्रिंट रेट से अधिक दाम पर बेची जा रही है और पूछताछ पर अतिरिक्त राशि ऊपर तक देनी पड़ती है. ग्राहकों का कहना है कि चुनाव के समय उत्पाद विभाग द्वारा की जाने वाली छापेमारी केवल खानापूर्ति होती है, जबकि अवैध शराब निर्माण और बिक्री पर ठोस कार्रवाई नहीं की जाती.
स्थानीय लोगों का कहना है कि नकली शराब और ओवररेटिंग का खेल लंबे समय से चल रहा है, जिससे सरकारी राजस्व को भी नुकसान होने की आशंका है. उन्होंने उत्पाद विभाग और जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.

