सरायकेला/ Pramod Singh नगर क्षेत्र में बिजली की कटौती एक समस्या बन कर उभरी है. आए दिन शट डाउन के नाम पर घंटों बिजली गायब रहना आम बात बनकर रह गया है. बिजली के गायब रहने से नगर क्षेत्र की जनता परेशान हो गई है. इसपर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के नगर महामंत्री सुमित चौधरी ने कहा कि नगर क्षेत्र में बिजली की समस्या दिनों दिन विकराल रूप लेता जा रहा है. बिजली विभाग इस समस्या को जल्द ठीक नही करता है तो नगर क्षेत्र के ग्रामीण विभाग का शवयात्रा निकलेंगे और अनिश्चित काल के लिए बिजली विभाग के कार्यालय में तालाबंदी किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि बिजली विभाग के इस कृत्य से नगर क्षेत्र में केवल बिजली ही नहीं बल्कि पेयजल की भी समस्या उत्पन्न हो गई है.नगर क्षेत्र में पेयजल का एक मात्र श्रोत पीएचडी की ओर से की जाने वाली सप्लाई वाटर है. बिजली नहीं रहने से पीएचडी का मोटर काम नहीं करता जिससे नगर क्षेत्र में पेयजल की समस्या उत्पन्न हो जाती है.
जुस्को को बढ़ावा दे रहे अधिकारी
सुमित चौधरी ने कहा कि जब से नगर क्षेत्र में जुस्को की बिजली सप्लाई चालू हुई है तब से सरकारी बिजली आपूर्ति की अनियमितता बढ़ गई है. नगर क्षेत्र के बहुत से लोग अपने अपने घरों में जुस्को की बिजली का कनेक्शन करवा चुके हैं. जिससे सरकारी बिजली पर पढ़ने वाला भार भी कम हुआ है.इसके बावजूद भी आए दिन बिजली आपूर्ति घंटों बाधित रहती है. उन्होंने कहा कि लोड कम होने के बावजूद भी बिजली आपूर्ति घंटों बाधित रहना लोगों के जेहन में सवाल को पैदा करता है. कहीं बिजली विभाग के अधिकारी जानबूझकर जुस्को की बढ़ावा देने के लिए बिजली आपूर्ति को बाधित तो नहीं कर रहे हैं?उन्होंने कहा कि सरायकेला नगर पंचायत अंतर्गत नगर क्षेत्र में घंटी बिजली गायब रहती है लेकिन रिहायशी इलाकों में जहां जिले के आला अधिकारी रहते हैं वहां की बिजली आपूर्ति चालू रहती है जिससे लोगों के मन में यह सवाल उठाना लाजमी है.
मेंटेनेंस के नाम पर होता है लाखों खर्च
उन्होंने कहा कि बिजली विभाग द्वारा आए दिन मेंटेनेंस का हवाला देकर कई कई घंटे बिजली आपूर्ति को बाधित रखा जाता है.मेंटेनेंस के नाम पर विभाग जनता की गढ़ी कमाई के लाखों रूपए खर्च कर रहा है.लेकिन जनता को ही परेशानी भी उठाना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि बिजली विभाग के अधिकारियों को यह सार्वजनिक करना चाहिए कि आखिर किस कारण से नगर क्षेत्र की बिजली आपूर्ति आए दिन घंटों बाधित रहती है. अधिकारियों द्वारा मेंटेनेंस के लिए सरकार से क्या सहायता मांगी गई जिसको उपलब्ध नही करवाया जा रहा जिससे यह समस्या बनी हुई है.
बाईट
सुमित चौधरी

