सरायकेला: जिले में वन भूमि की सटीक पहचान के उद्देश्य से शनिवार को समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई. इस बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त- सह- जिला दण्डाधिकारी नितिश कुमार सिंह ने की.

बैठक में उपायुक्त ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार जिले में वन भूमि की सटीक पहचान कर प्रतिवेदन तैयार कर प्रेषित करना अनिवार्य है. इस क्रम में सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अधिकार अभिलेख (Record of Rights) का विस्तृत परीक्षण कर ऐसे सभी खाते और प्लॉट चिह्नित करें जिनमें वन भूमि अंकित है.
उन्होंने कहा कि वन भूमि की पहचान केवल न्यायालयीन आदेश की पूर्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा सुव्यवस्थित प्रबंधन की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है. अतः सभी पदाधिकारियों को इस कार्य को गंभीरता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ संपादित करने के निर्देश दिए गए.
बैठक में विशेष रूप से चांडिल जलाशय क्षेत्र की चिन्हित भूमि का शत-प्रतिशत म्यूटेशन कर उसे वन विभाग को हस्तांतरित करने पर बल दिया गया. साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि किसी भी मौजा की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा न हो.
इस बैठक में जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी सबा आलम, उप विकास आयुक्त रीना हांसदा, अपर उपायुक्त, भूमि सुधार उप समाहर्ता, जिला खनन पदाधिकारी, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे.

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