सरायकेला: नालसा एवं झालसा के निर्देशानुसार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के मार्गदर्शन में शनिवार को संविधान दिवस के अवसर पर व्यवहार न्यायालय, सरायकेला, अनुमंडल न्यायालय चांडिल एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा जिले के कई स्थानों पर विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए.
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सभी स्थानों पर न्यायिक पदाधिकारीगण, अधिवक्तागण, न्यायालय कर्मी एवं पारा लीगल वॉलिंटियरों ने संविधान की प्रस्तावना का पाठ किया. इस अवसर पर जिला न्यायाधीश प्रथम अमित शेखर ने संविधान को सभी कानूनों की आत्मा बताया और उसे सभी उपस्थित जनों से आत्मार्पित करने की बात कही.
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव ने संविधान दिवस को एक गौरवशाली दिन बताते हुए सभी से अनुरोध किया कि वह संविधान के अनुरूप कार्य करें. प्रस्तावना के प्रथम शब्द ”हम” के अनुरूप मिलजुल कर काम करने और देश को आगे बढ़ाने का संकल्प लें.
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय राजकमल मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि संविधान सिर्फ एक कानूनी स्वरूप की किताब नहीं बल्कि यह हमारे लिए एक धर्म ग्रंथ है. इसे सम्मान के साथ अंगीकृत और देश के विकास में योगदान देने की जरूरत है. कार्यक्रम को जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रभात कुमार, जिला अधिवक्ता संघ के सचिव देवाशीष ज्योतिषी एवं वरीय अधिवक्ता केपी दुबे ने भी संबोधित किया.
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