सरायकेला (Pramod Singh) मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना के सफल क्रियान्वयन को लेकर जिला दण्डधिकारी सह

उपायुक्त अरवा राजकमल ने गूगल मीट के माध्यम से बैठक किया. बैठक में उप विकास आयुक्त प्रवीण कुमार गागराई, अपर उपायुक्त सुबोध कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला रामकृष्ण कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी चांडिल रंजीत लोहरा, जिला क़ृषि पदाधिकारी विजय कुजूर सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं अन्य उपस्थित रहे.
बैठक में उपायुक्त ने विगत दिन हुए राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में योजना को लेकर प्राप्त दिशा- निर्देश से पदाधिकारियों को अवगत कराते हुए जिले में अभियान चलाकर शत प्रतिशत योग्य लाभुकों को मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना के तहत लाभ प्रदान कराने को लेकर बिंदुवार चर्चा करते हुए कई आवश्यक दिशा- निर्देश दिए.
उपायुक्त ने बताया कि राज्य में सूखे की स्थति को देखते हुए तत्काल सुखाड़ राहत हेतु मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना के तहत प्रति किसान (भूमिहीन कृषक मजदूर/ रैयत कृषक) को 3500 रुपए
की सहायता राशी प्रदान की जा रही है. उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत जिले के आठ प्रखंड में चयनित किसान भूमिहीन कृषक मजदूर/ रैयत कृषक को प्रति किसान योजना अंतर्गत 3500 रुपये (अग्रिम) राशि दी जाएगी. इस योजना के लाभ हेतु अपने नजदीकी प्रज्ञा केंद्र/ पंचायत कार्यालय और प्रखंड कार्यालय में आवेदन किया जा सकेगा. आवेदन करने की अंतिम तिथि 12 दिसंबर तक है.
उन्होंने बताया कि आवेदक लाभुक को योजना के तहत सी एससी सेंटर / प्रज्ञा केंद्र में रजिस्ट्रेशन हेतु 1 रुपया देना है. बैठक के दौरान उपायुक्त ने योजना के सफल क्रियान्वयन एवं शत- प्रतिशत योग्य लाभुकों को योजना के लाभ प्रदान कराने हेतु बिंदुवार चर्चा करते हुए निम्नलिखित निर्देश दिए.
जानें क्या है निर्देश
जिला क़ृषि पदाधिकारी योजना सम्बन्धित जिला एवं प्रखंड स्तर पर आ रही समस्याओं का सम्बन्धित पदाधिकारी के साथ तालमेल स्थापित कर निष्पादन सुनिश्चित कराए.
सभी बीडीओ- सीओ स्थानीय जनप्रतिनिधिगण के साथ बैठक कर योजना की जानकारी साझा कर क्षेत्र में लोगो को जागरूक करते हुए लाभ प्रदान कराने हेतु प्रेरित करें.
जिला क़ृषि पदाधिकारी सभी प्रज्ञा केंद्र में योजना सम्बन्धित जागरूकता बैनर जिनमे योजना के लाभ, आवेदन की प्रक्रिया की जानकारी हो लगाना सुनिश्चित करें.
सभी बीडीओ- सीओ पंचायत स्तर पर लगाए जाने वाले सेंटर एवं सीएसी प्रज्ञा केंद्र का निरिक्षण कर लोगो को प्रेरित करें. पंचायत स्तर के अतिरिक्त आवश्यक्तानुसार मोबाइल टीम तैयार रखे, ताकि छूटे हुए लाभुकों का भ्रमण कर आवेदन लिया जा सके.
