सरायकेला (Pramod Singh) चर्चित बी रामा कृष्णा शर्मा- ललिता महतो मामले में सोमवार को भी गवाही नहीं हो सकी. कारण विरोधी पक्ष के वकील गैर हाजिर रहे. इससे पूर्व 12 दिसंबर को जज अनुपस्थित थे. अगली तारीख 6 जनवरी को मुकर्रर की गई है.


इधर लगातार तारीख बढ़ने से पीड़ित पक्ष सकते में है. इधर कोर्ट में सोमवार को बी रामा कृष्णा शर्मा के गवाह की गवाही नहीं होने से जज ने कड़ी आपत्ति जताई है. साथ ही ललिता महतो को कोर्ट में समय पर उपस्थित नहीं होने पर फटकार भी लगाया है. हैरान करने वाली बात यह रही कि सोमवार को भी ललिता महतो अपने परिजनों के साथ कोर्ट नहीं पहुंची, जबकि बी रामा कृष्ण शर्मा ने मामले की सुनवाई होने और फैसला आने तक ललिता के गैर मर्द के साथ कोर्ट आने पर आपत्ति जताई थी. रामा ने अपने वकील सीपी महतो के माध्यम से अपनी सुरक्षा का हवाला देते हुए सुरक्षा की गुहार लगाने की याचिका दाखिल करायी है. इधर सोमवार को रामा ने सरायकेला थाने में सुमित महतो व अन्य के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र रचने और पारिवारिक मामले में दखलअंदाजी करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करा दिया है.
इधर विरोधी पक्ष के वकील प्रभात कुमार के गैर हाजिर रहने पर उनके जूनियर ने कोर्ट परिसर में गवाह के सारे दस्तावेज मसलन आधार कार्ड और अन्य कागजातों का फोटो लेने की अनुमति सुमित महतो को दे दिया, जिससे रामा ने इसे कोर्ट के नियमों का अवहेलना बताया.
कुड़मी समाज की आड़ में सुमित कर रहा मेरे पारिवरिक मामले में दखलंदाजी, आखिर क्या रिश्ता है सुमित का मेरी पत्नी के साथ: रामा
मीडिया से बात करते हुए बी रामा कृष्णा शर्मा ने बताया कि जब तक कोर्ट से फैसला नहीं आ जाता तब तक ललिता मेरी पत्नी है और इसे मैं कोर्ट में साबित कर दूंगा. कोर्ट से फैसला यदि मेरे खिलाफ जाता है तो मैं सजा भुगतने को तैयार हूं. मगर मेरे फैमिली मैटर में सुमित महतो इतनी दिलचस्पी क्यों दिखा रहा है ? कुड़मी समाज की आड़ में सुमित मेरी पत्नी को गुमराह कर रहा है. सुमित यह स्पष्ट करे कि ललिता यानी उसकी पत्नी के साथ उसका क्या रिश्ता है. उन्होंने कहा कि जब से केस में गवाही शुरू हुई है, मुझे डराया धमकाया जा रहा है. कोर्ट के बाहर मेरी रेकी की जा रही है. यहां तक कि मेरे परिवार को भी डराया जा रहा है. इस तरह मैं इंसाफ की लड़ाई कैसे लड़ूंगा. उन्होंने कुड़मी समाज के लोगों को भरोसा दिलाया है, कि जिस दिन वे केस हार जाएंगे पूरी इमानदारी के साथ उनके समक्ष मुजरिम की तरह हाजिर हो जाऊंगा. कोर्ट से पहले कुड़मी समाज ही मेरे लिए सजा मुकर्रर कर सकती है, मगर इस तरह से मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित ना करें मैं अपने परिवार के लिए संघर्ष कर रहा हूं. सुमित महतो अपने राजनीतिक रसूख और समाज के आड़ में मेरी पत्नी को गुमराह कर रहा है.

