सरायकेला/ Pramod Singh

नशे के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामाशंकर सिंह की अदालत ने एनडीपीएस एक्ट के एक महत्वपूर्ण मामले में आरोपी मो. शमीम को दोषी करार देते हुए 7 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में 4 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा.
मामला 9 जुलाई 2021 का है. उस समय आदित्यपुर थाना में पदस्थापित सब इंस्पेक्टर सागरलाल महथा ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी. गश्ती के दौरान इमली चौक स्थित लवेला होटल के पास एक युवक पुलिस को देखकर भागने लगा. संदेह होने पर पुलिस ने उसे पकड़कर तलाशी ली, जिसमें उसके पास से 101 पुड़िया ब्राउन शुगर बरामद हुई.
पूछताछ में युवक ने अपना नाम मो. शमीम बताया. वह सरायकेला थाना क्षेत्र के मुड़िया का निवासी है और उसका स्थायी पता बिहार के वैशाली जिला में बताया गया. बरामदगी के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(बी) के तहत मामला दर्ज किया था. सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया और सजा सुनाई. इस फैसले को जिले में नशा तस्करी के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है.

