सरायकेला/ Pramod Singh मारपीट के दौरान गैर इरादतन हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामाशंकर सिंह की अदालत ने गुरुवार को आरोपी शिवशंकर रजक को दोषी करार दिया. अदालत ने उसे भादवि की धारा 304 के तहत 10 वर्ष का सश्रम कारावास तथा 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई. जुर्माना नहीं देने पर 3 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.

इसके अतिरिक्त अदालत ने भादवि की धारा 323 के तहत 6 माह का साधारण कारावास, धारा 341 के तहत 1 माह का साधारण कारावास तथा धारा 504 और 506 के तहत एक- एक वर्ष का सश्रम कारावास एवं एक- एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई. संबंधित धाराओं में जुर्माना अदा नहीं करने पर एक- एक माह का अतिरिक्त कारावास का भी प्रावधान किया गया है.
मामला सरायकेला थाना के सीनी ओपी अंतर्गत बांकसाई गांव का है. 3 दिसंबर 2023 को अविनाश हरिजन ने सीनी ओपी में शिवशंकर रजक के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में कहा गया था कि आरोपी रात करीब 10 बजे उसके घर में घुसकर गाली- गलौज करते हुए उसे जबरन बाहर खींच लाया और सड़क पर मारपीट करने लगा.
मारपीट के दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे अविनाश के पिता नेपाल हरिजन को आरोपी ने जोर से धक्का दे दिया. धक्का लगने से वे सिर के बल सड़क पर गिर पड़े और बेहोश हो गए. परिजन उन्हें तत्काल सरायकेला सदर अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
घटना के बाद दर्ज प्राथमिकी पर पुलिस ने अनुसंधान करते हुए मामला अदालत में प्रस्तुत किया, जहां साक्ष्य और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई.

