सरायकेला: झारखंड स्थापना दिवस सप्ताह और बाल दिवस के अवसर पर शुक्रवार को सिनी पंचायत में जिला प्रशासन की ओर से बाल अधिकारों एवं सुरक्षा पर केंद्रित विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती सत्या ठाकुर के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ. कार्यशाला का उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर बाल सुरक्षा समितियों को सशक्त बनाना तथा बच्चों के कानूनी अधिकारों और सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाना था.

कार्यक्रम में ग्रामीण महिला स्वयं सहायता समूहों, पंचायत प्रतिनिधियों, स्वयंसेवकों और स्थानीय शिक्षकों ने भाग लिया. कार्यशाला के दौरान बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा, कुपोषण, स्वास्थ्य तथा सामाजिक बुराइयों से बचाव पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया. अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण बाल सुरक्षा समितियों की सक्रियता बच्चों के संरक्षण में अहम भूमिका निभाती है.
कार्यक्रम में प्रमुख सरकारी योजनाओं और अधिनियमों की विस्तृत जानकारी दी गई.
बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत बालिका शिक्षा और लिंगानुपात सुधार पर विशेष ज़ोर दिया गया.
बाल विवाह निषेध अधिनियम (PCMA) के तहत बच्चों की कम उम्र में शादी रोकने के कानूनी प्रावधानों और दंड के बारे में बताया गया. शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा दिलाने की जिम्मेदारी पर चर्चा हुई.
मिशन वात्सल्य योजना के तहत बच्चों की सुरक्षा, पुनर्वास और कल्याण से जुड़ी सरकारी सहायता पर भी प्रकाश डाला गया.
कार्यशाला में बाल संरक्षण हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181, आपातकालीन नंबर 112, तथा 15100 सहित सभी 24×7 निःशुल्क सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई. उपस्थित लोगों को इन सेवाओं का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया.
कार्यक्रम के अंत में बच्चों को वातावरण संरक्षण के संदेश के साथ फलदार पौधे वितरित किए गए. अधिकारियों ने कहा कि यह पहल बच्चों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का प्रयास है.
इस अवसर पर पंचायत की मुखिया, प्रधान सचिव, ग्रामीण महिलाएँ, बच्चे तथा JSLPS से जुड़े स्वयं सहायता समूहों के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे. कार्यक्रम पूरे उत्साह और सहभागिता के साथ संपन्न हुआ.

