सरायकेला/ Pramod Singh छऊ आर्टिस्ट एसोसिएशन की ओर से मंगलवार को नववर्ष के उपलक्ष्य में “कलाकार मिलन सह वनभोज” का आयोजन किया. कार्यक्रम की शुरुआत कलाकारों द्वारा मां झुमकेश्वरी की प्रार्थना से हुई.

एसोसिएशन के संरक्षक मनोज चौधरी ने सभी कलाकारों को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा, 2026 हमारी विश्व- ख्याति प्राप्त छऊ कला और कलाकारों के उत्थान का वर्ष होगा. आशा है कलाकारों के दिन जल्दी ही बहुरेंगे.
वनभोज के दौरान बाल कलाकारों ने प्रणामी नृत्य प्रस्तुत किया. इसके बाद राकेश कवि ने आरती नृत्य, आध्यापदो साहू ने चिरकुणी नृत्य और बाबू साहू ने सरायकेला लड्डू का नृत्य कर समां बांध दिया. सभी कलाकारों ने एक स्वर में छऊ कला के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.
इस मौके पर एसोसिएशन के प्रमुख पदाधिकारियों और सदस्यों ने भाग लिया, जिनमें आर्टिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष भोला मोहंती, सचिव सुदीप कवि, एस एन एवार्डी बृजेंद्र पटनायक, सिद्धू दरोगा, मिहिर लाल महतो, अविनाश कवि, पंकज साहू, राकू कवि, ठाकुर सरदार, सानकु महतो, लालू महतो, आशीष कर, संतोष कर, निवारण महतो, अमन कर, अनिमेष कर, मनोरंजन साहू, तरुण भोल, अतुल महतो, गजेंद्र मोहंती, आध्यापदों साहू, मुन्ना लाल, महाराणा देवनारायण सिंह, शिवनाथ मिश्रा, रूपेश मिश्रा, पूर्ण सरदार, विजय सरदार, बाबू महाराणा, प्रदीप बसा, सनोज साहू, गणेश मोहंती, विजय दरोगा, काली प्रसन्न सरंगी, अमित साहू, ठुंगरु मुखी, गणेश महतो, नाथू महतो, कुना सामल, बाबूराम सरदार, शिव हेस्सा, प्रफुल्ल नायक, संजय कर्मकार, शिव शंकर साहू, गोप तांती, कामेश्वर भोल, नीरज पटनायक, देवेंद्र प्रधान.
समारोह में उपस्थित सभी कलाकारों ने छऊ कला के संरक्षण व प्रचार- प्रसार के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया.

