सरायकेला/ Pramod Singh सरायकेला स्थित भैरव स्थल पर जिला प्रशासन की ओर से भैरव पूजा का आयोजन होगा. क्षेत्र अंतर्गत प्रसिद्ध चैत्र पर्व का शुभारंभ 6 अप्रैल को भैरव पूजा के साथ किया जाएगा. चैत्र पर्व के दौरान छह प्रकार के घट उठाने की परंपरा है. जिसमे शुभ घट, मंगला घट, यात्रा घट, वृंदावनि घट, गोरेयाभार घट एवं कलिका घट शामिल है. इसके साथ ही पूजा का भी विधान है.

जानकारी देते हुए सरायकेला आर्टिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष सह छऊ कलाकार भोला महांती ने बताया कि चैत्र पर्व हमारी संस्कृति से जुड़ा है. पौराणिक काल से इस पर्व को क्षेत्र के लोग बड़े ही श्रद्धा और आस्था के साथ मनाते आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि चैत्र पर्व का शुभारंभ भैरव पूजा के साथ किया जाता है और इसका समापन पाठ संक्रांति पूजा के साथ किया जाता है. उन्होंने बताया कि इस वर्ष 6 अप्रैल को भैरव पूजा, 7 अप्रैल को शुभ घट, 8 को मंगला घट, 9 को झुमकेशरी पूजा, 10 को यात्रा घट, 11 को वृंदावनी घट, 12 को गोरेयाभार घट 13 अप्रैल को कलिका घट एवं 14 अप्रैल को पाठ संक्रांति पूजा का आयोजन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि 7 अप्रैल को राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र सरायकेला में सरायकेला शैली के ग्रामीण नृत्य दलों की छऊ प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा. वहीं 8 अप्रैल को मानभूम शैली व खरसावां शैली के ग्रामीण नृत्य दलों का छऊ प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा.
