सरायकेला/ Pramod Singh आगामी 11 से 13 अप्रैल तक आयोजित होने वाले चैत्र पर्व सह छऊ महोत्सव की तैयारियों को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में इस वर्ष महोत्सव को भव्य और आकर्षक रूप से आयोजित करने का निर्णय लिया गया.

बैठक में बताया गया कि चैत्र पर्व की शुरुआत 5 अप्रैल को भैरव पूजा के साथ होगी. स्थानीय भैरव स्थान पर विधि- विधान के साथ पूजा- अर्चना की जाएगी. इसके अगले दिन शुभघट लाया जाएगा, जबकि पूरे आयोजन का समापन 14 अप्रैल को पाट संक्रांति के साथ होगा.
कार्यक्रम के तहत 9 अप्रैल को झुमकेश्वरी पूजा, 10 अप्रैल को यात्रा घट, 11 अप्रैल को वृन्दावनी घट, 12 अप्रैल को गौरयाभार घट और 13 अप्रैल को कालिका घट का आयोजन किया जाएगा. इस दौरान पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी विशेष प्रस्तुति होगी. बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि महोत्सव के दौरान सरायकेला छऊ के पद्मश्री सम्मान प्राप्त कलाकारों और उनके परिजनों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा. इसके साथ ही विभिन्न राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय पुरस्कारों से सम्मानित छऊ गुरुओं और कलाकारों को भी मंच पर सम्मान देकर उनकी कला साधना का गौरव बढ़ाया जाएगा.
महोत्सव के तहत 6 से 8 अप्रैल तक ग्रामीण छऊ नृत्य दलों की प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी. 6 अप्रैल को सरायकेला शैली, 7 अप्रैल को मानभूम शैली और 8 अप्रैल को खरसावां शैली के छऊ नृत्य मंडलियों के बीच प्रतियोगिता होगी, जिससे क्षेत्रीय लोकनृत्य और संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा.
बैठक में नगर पंचायत अध्यक्ष सह आर्टिस्ट एसोसिएशन के संरक्षक मनोज चौधरी, सरायकेला राजघराने के राजा प्रताप आदित्य सिंहदेव, बीडीओ यस्मिता सिंह, कला केंद्र के समन्वयक सुदीप कवि, एसोसिएशन के सचिव भोला महांती, विधायक प्रतिनिधि सानद आचार्य, अधिवक्ता केपी दुबे, सुशांत महापात्र, कलाकार ब्रजेंद्र पट्टनायक, खेल पदाधिकारी अमित कुमार, आशीष कर, निवारण महतो, बाउरी बंधु महतो सहित बड़ी संख्या में कलाकार और गणमान्य लोग उपस्थित रहे.

