सरायकेला/ प्रमोद सिंह: जिले में जनसाधारण की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला परिवहन पदाधिकारी ने बस स्वामियों एवं बस परिचालकों के लिए एक महत्वपूर्ण आधिकारिक सूचना जारी की है. जारी निर्देशों में Central Institute of Road Transport (CIRT) द्वारा निर्धारित सुरक्षा अनुशंसाओं का अक्षरशः अनुपालन सभी बस ऑपरेटरों के लिए अनिवार्य बताया गया है.

जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार स्लीपर कोच बसों में स्थापित ड्राइवर पार्टीशन डोर को तत्काल प्रभाव से हटाना होगा. इसके साथ ही स्लीपर बर्थ में लगाए गए सभी प्रकार के स्लाइडर्स को भी अविलंब हटाने का निर्देश दिया गया है.
अग्नि सुरक्षा को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए गए हैं.
सभी स्लीपर कोच बसों में Fire Detection and Suppression System (FDSS) एक माह के भीतर अनिवार्य रूप से स्थापित करना होगा. इसके अलावा प्रत्येक बस में न्यूनतम 10 किलोग्राम क्षमता का अग्निशामक यंत्र निर्धारित ग्रीन ज़ोन में उपलब्ध रहना अनिवार्य किया गया है.
वाहन संरचना से संबंधित निर्देशों में कहा गया है कि चेसिस के अनधिकृत विस्तार के आधार पर निर्मित किसी भी बस बॉडी को तत्काल प्रभाव से परिचालन से बाहर कर दिया जाएगा.
किसी भी बस का पंजीकरण केवल फॉर्म 22 या 22A तथा अनुमोदित परीक्षण एजेंसी की वैध स्वीकृति प्राप्त होने के बाद ही मान्य होगा.
तकनीकी प्रावधानों के तहत प्रत्येक बस के पंजीकरण के समय ले-आउट ड्राइंग संलग्न करना अनिवार्य किया गया है.
इस ले-आउट ड्राइंग में बस के आयाम, दरवाजों की स्थिति, आपातकालीन निकास और रूफ हैच का स्पष्ट विवरण अंकित होना आवश्यक होगा.
इसके साथ ही बस बॉडी बिल्डर की वैध मान्यता की जांच भी पंजीकरण के समय अनिवार्य रूप से की जाएगी. जिला परिवहन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि CMVR, 1989 का पूर्ण अनुपालन तथा AIS:052 और AIS:119 में वर्णित प्रावधानों के अनुरूप ही बसों का संचालन अनुमन्य होगा. इन निर्देशों का उल्लंघन करने वाले बस स्वामियों और परिचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई के लिए संबंधित बस संचालक स्वयं जिम्मेदार होंगे.

