आदित्यपुर/ Parmeshwar Gorai सरायकेला- खरसावां जिले के लिए सोमवार का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू एनआईटी जमशेदपुर के 15वें दीक्षांत समारोह में शामिल होने आदित्यपुर पहुंचीं. राष्ट्रपति के आगमन को लेकर जिले में बीते पंद्रह दिनों से प्रशासनिक तैयारियां चल रही थीं और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उनका सड़क मार्ग से एनआईटी पहुंचना पूरी तरह सफल रहा.

आदित्यपुर पहुंचने पर जिले के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने गुलदस्ता भेंट कर राष्ट्रपति का स्वागत किया. राष्ट्रपति के दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने विधि- व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से निगरानी की थी, जिसका असर यह रहा कि पूरा कार्यक्रम बिना किसी व्यवधान के संपन्न हुआ. दौरा सफल होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के चेहरे पर भी राहत साफ झलक रही थी.

हालांकि इस औपचारिक कार्यक्रम के बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आम लोगों से जुड़कर अपने दौरे को खास बना दिया. आकाशवाणी चौक के पास राष्ट्रपति ने अपने काफिले को रुकवाकर शहरवासियों का अभिवादन स्वीकार किया और बच्चों के बीच टॉफियां बांटी. राष्ट्रपति का यह सहज और आत्मीय व्यवहार लोगों के दिल को छू गया और शहरवासियों के लिए यह पल लंबे समय तक यादगार बन गया. इस दौरान सरायकेला- खरसावां जिला पहली बार राष्ट्रपति के स्वागत को लेकर उत्साह से भरा नजर आया. कुल मिलाकर कहा जाए तो कड़ी सुरक्षा, प्रशासनिक सतर्कता और राष्ट्रपति के मानवीय स्पर्श ने इस दौरे को सफल ही नहीं, बल्कि खास बना दिया.
सामाजिक संस्थाओं ने सराहा
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम की सफलता के लिए सामाजिक संगठन जनकल्याण मोर्चा आदित्यपुर, आदित्यपुर अधिवक्ता संघ और झारखंड लीगल एडवाइजरी एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन ने जिला प्रशासन, राज्य प्रशासन, पुलिस प्रशासन, आदित्यपुर नगर निगम और जिले की जनता की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया है. संगठनों ने कहा कि प्रशासनिक समन्वय, नागरिक अनुशासन और जनभागीदारी के कारण यह दौरा पूरी तरह सफल और यादगार रहा. कुल मिलाकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह दौरा आदित्यपुर के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है.
आदित्यपुर के इतिहास में पहली बार भारत की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आगमन हुआ, जिसने इस औद्योगिक शहर को एक नई पहचान दी. एनआईटी जमशेदपुर के दीक्षांत समारोह में शामिल होने पहुंचीं राष्ट्रपति का यह दौरा सिर्फ आधिकारिक नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं से भरा हुआ रहा. आदित्यपुर की जनता से मिले अपार स्नेह और अपनत्व से अभिभूत होकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रोटोकॉल से हटकर आम लोगों से मुलाकात की और उनका अभिवादन स्वीकार किया. राष्ट्रपति का यह सहज और आत्मीय व्यवहार लोगों के दिलों को छू गया, जिससे शहरवासियों में खासा उत्साह और गर्व देखने को मिला. राष्ट्रपति के काफिले के रुकने और आम लोगों, खासकर बच्चों से सीधे संवाद ने इस दौरे को ऐतिहासिक बना दिया. गौरतलब है कि आदित्यपुर में यह पहला अवसर था, जब किसी राष्ट्रपति का आगमन हुआ और पूरे शहर ने इस पल को उत्सव की तरह जिया.

