सरायकेला: जिले में “आपकी योजना- आपकी सरकार- आपके द्वार” कार्यक्रम के तहत 21 से 29 नवंबर 2025 तक “सेवा का अधिकार सप्ताह” का आयोजन किया जा रहा है. इस दौरान विभिन्न पंचायतों एवं नगर निकाय क्षेत्र के वार्डों में शिविर लगाकर आमजन को जाति, आय, स्थानीय निवासी, जन्म- मृत्यु प्रमाण पत्र, पेंशन, राशन कार्ड, दाखिल- खारिज, भूमि मापी, भूमि धारण प्रमाण पत्र सहित कई जन-सुविधाओं एवं कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी सेवाएँ प्रदान की जा रही हैं. शिविरों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पहुँचकर विभिन्न सेवाओं हेतु आवेदन दे रहे हैं.

सोमवार को उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से “सेवा का अधिकार सप्ताह” की प्रगति समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में उप विकास आयुक्त रीना हांसदा ने बताया कि अभियान के तीसरे दिन तक जिले में कुल 10,169 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 716 आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है. उन्होंने कहा कि शिविरों में लोगों की बढ़ती उपस्थिति यह दर्शाती है कि सरकारी सेवाएं ग्रामीण स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंच रही हैं. साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि शिविरों में लाभुकों को योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि अधिकतम पात्र लोग लाभान्वित हो सकें.
समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि शिविरों में प्राप्त हर आवेदन का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि वृद्धा, दिव्यांग एवं विधवा पेंशन, जाति, आय, जन्म- मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़े मामलों का अधिकतम ऑन-द-स्पॉट निष्पादन किया जाए और शेष मामलों में त्वरित कार्रवाई हो. उन्होंने ये भी कहा कि Right to Service Act के तहत आने वाली सेवाओं के लिए अधिक आवेदन लिए जाएं और निर्धारित समय-सीमा में उनका निष्पादन सुनिश्चित किया जाए.
उपायुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों और नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि शिविरों में आने वाले लाभुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. इसके लिए शिविर स्थलों पर पेयजल, बैठने की व्यवस्था, शेड, बिजली, प्राथमिक उपचार और सहायता काउंटर जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं. साथ ही आवेदन- पत्रों की पर्याप्त उपलब्धता और ज़ेरॉक्स सुविधा भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
उन्होंने यह भी कहा कि शिविरों से संबंधित सभी जानकारी स्थानीय भाषा में व्यापक रूप से प्रचारित की जाए, ताकि अधिकाधिक पात्र लाभुक शिविरों तक पहुंच सकें. साथ ही प्रतिदिन प्राप्त आवेदनों, निस्तारण की स्थिति और लाभुक विवरण की अद्यतन प्रविष्टि संबंधित पोर्टलों पर अनिवार्य रूप से की जाए, जिससे अभियान की वास्तविक प्रगति का नियमित अनुश्रवण हो सके.
समीक्षा बैठक में निदेशक डीआरडीए डॉ. अजय तिर्की, अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला और चांडिल, विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी एवं अन्य प्रखंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे.

