जमशेदपुर/ Pramveer Patro झारखंड में सहारा इंडिया के सेवा केंद्रों के बंद होने के कारण निवेशकों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. मंगलवार को सहारा इंडिया परिवार जमशेदपुर परिक्षेत्र के कार्यकर्ताओं ने जमशेदपुर महानगर भाजपा अध्यक्ष सुधांशु ओझा के नेतृत्व में उपायुक्त से मुलाकात कर स्थिति से अवगत कराया और सेवा केंद्रों को फिर से खोलने की अपील की. सुधांशु ओझा ने बताया कि उपायुक्त के साथ वार्ता बेहद सार्थक रही. उन्होंने कहा कि उपायुक्त ने उनकी समस्याओं को गंभीरता पूर्वक सुना और 10 दिनों के भीतर वरीय पदाधिकारियों से बात कर बीच का रास्ता निकालने का भरोसा दिलाया है.

मालूम हो कि सहारा इंडिया परिवार ने मल्टी स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटी एक्ट 2002 की धारा 64 के तहत नए निवेश लेना बंद कर दिया था. इसके बाद सेबी विवाद और अन्य प्रक्रियाओं के कारण सोसाइटी के काम में कई परेशानियां उत्पन्न हुईं. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार C.R.C.S. पोर्टल के माध्यम से निवेशक अपने भुगतान के लिए आवेदन कर सकते हैं. हालांकि, आवेदन करते समय निवेशकों के दस्तावेजों में कुछ कमियां पाई जाती हैं, जिसके कारण उनके आवेदन खारिज कर दिए जाते हैं.

इन कमियों को दूर करने के लिए निवेशकों को सहारा इंडिया कार्यालयों से संपर्क करना पड़ता है. लेकिन 11 जनवरी 2025 को झारखंड डीजीपी के निर्देश पर सीआईडी की जांच रिपोर्ट के आधार पर झारखंड में सभी सहारा ऑफिस बंद कर दिए गए, जिससे निवेशक अपने दस्तावेज अपडेट नहीं कर पा रहे हैं. 12 सितंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ₹5000 करोड़ की राशि सहारा-सेबी के खाते से निकालकर C.R.C.S. पोर्टल के माध्यम से भुगतान शुरू किया गया, लेकिन कार्यालय बंद होने की वजह से झारखंड के निवेशक इस प्रक्रिया में पीछे रह गए.
राज्य में अब तक केवल ₹276.20 करोड़ का भुगतान हो सका है, जबकि बिहार और अन्य राज्यों में ₹800 करोड़ से अधिक का भुगतान किया जा चुका है. कार्यालय बंद होने के कारण दस्तावेजों की कमियां दूर नहीं हो पा रही हैं. निवेशकों को भुगतान में देरी और असमानता का सामना करना पड़ रहा है. लगभग 15,000 सहारा कर्मचारी अपनी आजीविका के लिए परेशान हैं. निवेशक कार्यकर्ताओं पर दबाव डाल रहे हैं, जिससे तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है.
सहारा इंडिया परिवार के कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त से अनुरोध किया है कि वे जिले में सहारा ऑफिस को फिर से खोलने की व्यवस्था करें, ताकि निवेशक अपने दस्तावेजों की कमियां दूर कर सकें और उन्हें जल्द से जल्द भुगतान मिल सके. सहारा इंडिया परिवार ने इस पत्र के माध्यम से राज्य सरकार से शीघ्र हस्तक्षेप की उम्मीद जताई है, ताकि निवेशकों की समस्याओं का समाधान किया जा सके और उन्हें उनके हक का भुगतान मिल सके.

