सीतामढ़ी: बिहार और दिल्ली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में सीतामढ़ी के मोस्ट वांटेड अपराधी रंजन पाठक का आतंक समाप्त हो गया है. बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात दिल्ली के रोहिणी सेक्टर में हुए पुलिस मुठभेड़ में रंजन पाठक समेत चार बदमाश मारे गए. इस एनकाउंटर में रंजन पाठक का दाहिना हाथ विमलेश सहनी भी ढेर हो गया.

पुलिस के अनुसार, रंजन पाठक ‘सिग्मा गैंग’ का सरगना था, जो बिहार और दिल्ली में कई संगीन आपराधिक घटनाओं में शामिल रहा है. सीतामढ़ी, शिवहर और आसपास के इलाकों में उसके नाम से लोग खौफ में रहते थे. बताया जाता है कि गैंग रंगदारी, अपहरण और हथियार तस्करी जैसे अपराधों में सक्रिय था.

दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम को बुधवार देर रात सूचना मिली थी कि ‘सिग्मा गैंग’ के सदस्य रोहिणी इलाके में छिपे हुए हैं. सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की. खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में चारों बदमाश मारे गए.
मारे गए अपराधियों की पहचान सीतामढ़ी जिले के सुरसंड थाना क्षेत्र के मलाही गांव निवासी मनोज पाठक के पुत्र रंजन पाठक (25), बाजपट्टी थाना क्षेत्र के रतवारा गांव निवासी विमलेश महतो उर्फ विमलेश साहनी (25), शिवहर जिले के दोस्तियां गांव निवासी अमन ठाकुर (21) और दिल्ली के करावल नगर के शेरपुर गांव निवासी मनीष पाठक (33) के रूप में हुई है.
सीतामढ़ी पुलिस ने बताया कि रंजन पाठक और उसके गिरोह पर कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे. वह लंबे समय से फरार था और पुलिस को उसकी तलाश थी. एनकाउंटर की खबर मिलते ही स्थानीय लोगों में राहत के भाव देखी गई. बिहार विधानसभा चुनाव के बीच इस कार्रवाई ने अपराधियों में दहशत और आम जनता में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाया है.

