रामगढ़: जिले के पतरातु तालाटांड में जमीन विवाद को लेकर गुरुवार को जमकर मारपीट हुई, जिसमें खूनी संघर्ष के दौरान दो लोग घायल हो गए. जानकारी के अनुसार, पूर्व मुखिया कमालुद्दीन के परिवार के सदस्य मुस्तफा अंसारी, रब्बानी अंसारी, शमशेर आलम, जब्बार अंसारी, इजहार अंसारी, रिजवान अंसारी और अजीज अंसारी तालाटांड खाता नंबर 65, प्लॉट नंबर 153, खास गैर मजरूआ जमीन पर पहुंचे थे.


वहीं, मोहम्मद यासीन के वंशज अपनी जमीन पर काम कर रहे थे, जिसे सरकार द्वारा मो. यासीन अंसारी को अनुदान में दिया गया था. लेकिन जमीन दलालों की साजिश के तहत इस जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है और भोले- भाले आदिवासियों को मोहरा बनाया जा रहा है. शंकर करमाली का कहना है कि जमीन उनकी है और उन्होंने इसे मुस्तफा अंसारी, रब्बानी अंसारी और शमशेर आलम को बेची है. अब बड़ा सवाल यह उठता है कि जब जमीन खास गैर मजरूआ है और सरकार द्वारा मो. यासीन अंसारी को अनुदान में दी गई है तो शंकर करमाली इस पर मालिकाना हक कैसे जता सकते हैं. मीडिया से बातचीत में मो. शमशेर आलम ने कहा कि यह जमीन उनकी खरीदी हुई है और उन्होंने कोई मारपीट नहीं की. वहीं, भुक्तभोगियों ने पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पतरातु में इन दिनों जमीन दलालों की दादागिरी बढ़ती जा रही है. इस मामले में पतरातु अंचलाधिकारी मनोज चौरसिया और थाना प्रभारी शिवलाल गुप्ता ने जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है. मारपीट करने वालों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी. घटना के दौरान उमर फारूक, रकीबुन निशा, नुरैशा बेगम और गुलाम शरवर के साथ भी मारपीट की गई. बताया जाता है कि तालाटांड खाता 65, प्लॉट 153 खास गैर मजरूआ जमीन पर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है. इसमें शंकर करमाली, भारत करमाली, पारसनाथ करमाली, महादेव करमाली और अर्सनाथ करमाली के नाम सामने आए हैं.

