रामगढ़: जिले के पीटीपीएस क्षेत्र स्थित कटिया चौक पर रविवार को एनटीपीसी मजदूर यूनियन एटक पीवीयूएनएल शाखा के बैनर तले चार श्रम संहिताओं के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर उतरकर “चार लेबर कोड रद्द करो”, “मजदूरों को गुलाम बनाना बंद करो”, “पूंजीपतियों की सरकार मुर्दाबाद” और “मजदूरों के अधिकार छीने जाना बंद करो” जैसे नारे लगाए.

विरोध मार्च कटिया चौक होते हुए सभा में तब्दील हो गया, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया गया और चार लेबर कोड की प्रतियां भी जलाई गईं. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ये कानून मजदूर विरोधी हैं और इन्हें लागू कर श्रमिकों को गुलाम बनाने की साजिश की जा रही है.
यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि नए श्रम कानूनों में मजदूरों के हड़ताल करने के अधिकार को सीमित कर दिया गया है और मालिकों को अधिक छूट दी गई है. उनका कहना था कि मज़दूरी संहिता के अंतर्गत नियोक्ताओं को न्यूनतम मजदूरी से बचने के कई रास्ते मिल जाते हैं, जिससे मजदूरों का शोषण बढ़ेगा.
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने सरकार से चारों लेबर कोड को तत्काल वापस लेने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि इसे वापस नहीं लिया गया, तो आगे और बड़ा आंदोलन किया जाएगा. प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में श्रमिक और यूनियन सदस्य मौजूद रहे, जिससे पूरे क्षेत्र में माहौल गर्म बना रहा.

