रामगढ़: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आज अपने पैतृक गांव नेमरा में ग्रामीणों के साथ बैठक कर स्वर्गीय दिशोम गुरु शिबू सोरेन के अंत्येष्टि कार्यक्रम के उपरांत होने वाले पारंपरिक अनुष्ठानों पर चर्चा की. इस अवसर पर ग्रामीणों ने “तीन नहान, दस कर्म और श्राद्ध कर्म” जैसी पारंपरिक रीति- रिवाजों को लेकर अपने अनुभव और सुझाव साझा किए.

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से दस कर्म दिवस की तैयारियों का जायजा लिया और ग्रामीणों से विमर्श कर परंपराओं के पालन पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु का जीवन और योगदान अतुलनीय है, ऐसे में उनके सम्मान में सभी अनुष्ठान गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न होने चाहिए.
इस भावुक माहौल में ग्रामीणों ने भी स्वर्गीय शिबू सोरेन के योगदान को याद किया और उनके प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की. साथ ही उन्होंने शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में संबल देने की कामना की. मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने ग्रामीणों की बातों को गंभीरता से सुना और प्रशासन को निर्देश दिया कि अनुष्ठानों के आयोजन में कोई कमी न रहे तथा पारंपरिक रीति- नीति का पूरा ध्यान रखा जाए.

