राजनगर (Pitambar Soy) प्रखंड क्षेत्र के धुरीपदा अंतर्गत फुलझोरी गांव में बार बार बिजली ट्रांसफार्मर खराब होने से परेशान ग्रामीणों को अब राहत मिल गई है. सिंहभूम सांसद गीता कोड़ा के प्रयास से 25 केवी की जगह अब गांव में 63 केवी का नया ट्रांसफार्मर लगाया गया. जिसका उद्घाटन शनिवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष विशु हेम्ब्रम ने ऊर्जा विभाग के सांसद प्रतिनिधि साजिद आंसारी एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में फीता काट कर किया.

इस दौरान विशु हेम्ब्रम ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनी. ग्रामीणों ने बताया कि बिजली विभाग ने सात आठ साल पहले घरों में बिजली कनेक्शन दिया था. विभाग द्वारा बिजली बिल कभी नहीं भेजा गया. लेकिन अब इतने सालों बाद एक मुश्त में ग्रामीणों को 10 से 30 हजार रुपये तक का बिजली बिल थमाया जा रहा है. ऐसी परिस्थिति में एक साथ बिजली बिल दे पाना किसी भी परिवार के लिए सम्भव नहीं है. फुलझोरी जंगलों के बीच बसा एक अति पिछड़ा एवं दुरस्त गांव है. जहां सिर्फ खेती ही आजीविका का एक मात्र साधन है. इस दौरान जिलाध्यक्ष विशु हेम्ब्रम ने ग्रामीणों की समस्यओं को लेकर बिजली विभाग में बात रखने का आश्वासन दिया. साथ ही ग्रामीणों की समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन करने की बात कही.
इस दौरान सीडब्ल्यूएस प्रोग्राम एसोसिएट डॉ. आनंद महतो, मदनेश्वर झा, बीस सूत्री सदस्य बादल टुडु, जेई शंकर कैवर्त, ग्रामप्रधान लालमोहन सरदार, नायके चन्द्रमोहन सरदार, घासीराम सरदार, जगन्नाथ सरदार, इंद्रो सरदार, ईश्वर मुंडा, लालमोहन सरदार, हीरालाल सरदार, शिवचरण सरदार, अंजीर सरदार, लक्ष्मी सरदार, सुकुरमुनी सरदार, कुलोदा सरदार, श्रीमती सरदार,पानो सरदार, मीना देवी, दुलारी सरदार, राजनंदनी सरदार आदि उपस्थित थे.
*फुलझोरी के ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में जुटा है सीडब्ल्यूएस, आडे़ आ रही थी बिजली आपूर्ति*
वहीं धुरिपदा पंचायत अंतर्गत फुलझोरी के ग्रामीणों को आजीविका से जोड़ने के लिए सेंटर फॉर वर्ल्ड सोलिडेरिटी जमशेदपुर की संस्था पिछले कुछ महीनों से कई परियोजनाओं पर कार्य कर रही है. ताकि ग्रामीण आर्थिक रूप से सबल हों. इसमें बिजली की समस्या आड़े आ रही थी. चूंकि गांव में सात महीने पहले 16 केवी का ट्रांसफार्मर चोरी हो गई. इसके बाद 25 केवी का ट्रांसफार्मर लगा था, वह भी ओवर लोड के चलते बार बार खराब हो रही थी. सीडब्ल्यूएस के प्रोग्राम एसोसिएट डॉ. आनंद महतो ने बताया कि संस्था द्वारा ग्रामीणों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए कई प्रॉजेक्ट्स पर काम हो रहे हैं. ग्रामीणों को मुड़ी बनाने की मशीन उपलब्ध कराई गई है. बिजली के अभाव से इसका उपयोग नहीं हो पा रहा था. उसके अलावे तालाब निर्माण किया गया है. मुर्गी, बकरी, सुकर, बत्तख भी ग्रामीणों को उपलब्ध कराया गया है.केले के पौधे भी प्रदान किये गए हैं. ग्रामीणों को प्रशिक्षण से लेकर उनकी उपज को बाजार उपलब्ध कराने का भी संस्था काम कर रही है.
