राजनगर (पीताम्बर सोय) प्रखंड क्षेत्र के विक्रमपुर गांव में सुकरा मंडल के घर में जिउतिया पूजा धूमधाम से संपन्न हुआ. अष्टमी के दिन महिलाएं तीन दिन तक निर्जला व्रत रख विधि विधान से धूप, दीप ,पुष्प, मिठाई फल आदि आर्पित कर पूजा अर्चना कर अपने संतान की लंबी आयु की कामना करते हुए, सुख- समृद्धि, रोग मुक्त वातावरण की कामना की. पूजा के बाद पुजारी ने जिउतिया कथा सुनाया.

जिउतिया के दिन जीतमूतवाहन की पूजा का विधान है, अष्टमी के दिन प्रदोष काल में तालाब के निकट कुशा से जीत जीतमूतवाहन की मूर्ति बनाई जाती है. साथ ही कथा अनुसार चील और सियारिनी की मूर्तियां भी गोबर से बनाए जाते हैं, सबसे पहले जीमूतवाहन को धूप, दीप और फूल ,मिठाई ,एक धान का पौधा ,अक्षत चढ़ाकर तथा चील और सियार को लाल सिंदूर से लगाते हैं, उसके बाद चील और सियारिनी का कथा सुनाते हैं. पूजा में मुख्य रूप से गोपबन्धु उच्च विद्यालय हामन्दा के पूर्व प्रधानाध्यापक नुनु राम महतो, कृष्ण चंद्र महतो ,विशेश्वर मंडल, सुनील दुबे, नितीश महतो नंदलाल मंडल, गोपी चन्द्र मंडल, दीपक मंडल, प्रमोद मंडल, सोमनाथ नन्द एवं ग्रामवासी आदि उपस्थित थे.
