चांडिल: अनुमंडल के नीमडीह प्रखंड अंतर्गत लाकड़ी पंचायत के बांदु गांव में नवसृजित आंगनबाड़ी केंद्र के लिए सेविका चयन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. शनिवार को ग्रामसभा आयोजित कर माधुरी महतो का चयन सेविका पद के लिए किया गया, लेकिन चयन प्रक्रिया को लेकर ग्रामीणों ने सवाल खड़े किए हैं और सीडीपीओ पर मनमानी का आरोप लगाया है.

ग्रामसभा का आयोजन.
ग्रामसभा का आयोजन ग्रामप्रधान श्यामल वरण पांडे की अध्यक्षता में हुआ, जिसमें लाकड़ी पंचायत की मुखिया सरली देवी, पंचायत समिति सदस्य अर्चना महतो, वार्ड पार्षद समेत बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थीं. कुल चार अभ्यर्थियों में माधुरी महतो को 37 अंकों के आधार पर चयनित किया गया. सीडीपीओ विभा सिन्हा ने बताया कि यह चयन मेधासूची और पोषक क्षेत्र की सीमा के आधार पर किया गया है. वहीं, स्थानीय ग्रामीण आदित्य महतो ने चयन प्रक्रिया को लेकर सीडीपीओ पर गंभीर आरोप लगाए हैं. आदित्य महतो ने कहा कि चयनित अभ्यर्थी माधुरी महतो की शादी हाल ही में हुई है और वह इस पंचायत की मूल निवासी नहीं हैं. आरोप है कि आमसभा से पहले ही उन्हें शादी कराकर गांव लाया गया और उसी दिन उन्हें स्थानीय निवासी प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया.
अंचलाधिकारी का बयान.
अंचलाधिकारी अभिषेक कुमार ने बताया कि किसी भी प्रकार के प्रमाणपत्र बनाने के लिए आधार कार्ड आवश्यक है. शादी का कार्ड प्रमाण के रूप में मान्य नहीं होता और बिना आधार के प्रमाणपत्र जारी करना नियम विरुद्ध है.
ग्रामीणों की मांग.
ग्रामीणों ने मांग की है कि चयन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कर दोबारा ग्रामसभा बुलाकर सही उम्मीदवार का चयन किया जाए. अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है.

