रामगढ़: वन प्रमंडल क्षेत्र से एक अनोखा और आश्चर्यजनक दृश्य सामने आया. जब एक हथिनी ने रेलवे ट्रैक पर बच्चे को जन्म दिया. यह घटना रामगढ़- हजारीबाग रेलखंड के सरवहा गांव के पास की है. हथिनी प्रसव पीड़ा के दौरान रेल पटरी के इर्द- गिर्द घूम रही थी और दर्द कम करने की कोशिश कर रही थी.

सबसे सुखद पहलू यह रहा कि समय रहते ग्रामीणों की नजर उस पर पड़ गई. ग्रामीणों ने तत्काल रामगढ़ वन विभाग को इसकी सूचना दी. वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रेल प्रशासन को सूचना देकर दो घंटे तक रेल यातायात रोका गया. ग्रामीण और वनकर्मी तब तक मौके पर मौजूद रहे जब तक हथिनी ने बच्चे को जन्म नहीं दे दिया. हथिनी ने जैसे ही नवजात को जन्म दिया, कुछ सेकेंड बाद ही बच्चा खड़ा होकर चलने लगा. इसके बाद हथिनी अपने बच्चे के साथ जंगल की ओर रवाना हो गई.
ग्रामीणों के अनुसार पिछले 15 दिनों से हाथियों का झुंड इलाके में देखा जा रहा था. माना जा रहा है कि यह हथिनी झुंड से बिछड़ गई थी और प्रसव के लिए रेलवे ट्रैक पर पहुंच गई. बच्चे के जन्म के बाद हथिनी ने अपने नवजात के साथ करीब 10 किलोमीटर की दूरी तय कर हाथी कॉरिडोर जंगल में प्रवेश किया. रेल प्रशासन और वन विभाग के आपसी तालमेल व त्वरित कार्रवाई की सराहना हर ओर हो रही है. उनकी सूझबूझ से हथिनी और उसका बच्चा रेल हादसे का शिकार होने से बच गए. यह दृश्य देखने के लिए मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई थी. सभी ने इसे प्रकृति का अद्भुत चमत्कार बताया.

