मोतिहारी/ Arzoo Bakhsh जिले के ढाका प्रखंड के भंडार गांव में सड़क की बदहाली ने ग्रामीणों की परेशानियों को चरम पर पहुंचा दिया है. बरसात के मौसम में यह सड़क गड्ढों और कीचड़ में तब्दील हो जाती है. न पैदल चलना आसान है, न वाहन निकलना संभव.


स्कूली बच्चों, बीमारों और बुज़ुर्गों के लिए यह रास्ता रोज़ाना की मुसीबत बन गया है. लेकिन इस बार गांव वालों ने विरोध का तरीका ही बदल दिया. उन्होंने सड़क को खेत मानकर उस पर धान की रोपनी कर दी. हां, आपने सही सुना — सड़क पर धान की रोपनी की गई. ग्रामीणों ने कहा, “अगर सड़क बन नहीं सकती, तो इसे खेत ही बना देते हैं. कम से कम किसी काम तो आएगी.” उनका आरोप है कि चुनाव के वक्त नेता वादे करते हैं, लेकिन जीत के बाद सब कुछ भूल जाते हैं. बीमारों को अस्पताल पहुंचाना हो या बच्चों को स्कूल — यह सड़क हर दिन संघर्ष बन चुकी है. इस विरोध का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है. लोग सवाल पूछ रहे हैं — “क्या आज़ादी के इतने सालों बाद भी गांवों की यही हालत है?” अब देखने वाली बात ये है कि क्या प्रशासन इस अनोखे विरोध को गंभीरता से लेगा या फिर इसे भी बाकी आक्रोशों की तरह अनदेखा कर दिया जाएगा.

