दुमका: झारखंड के श्रम एवं नियोजन मंत्री संजय यादव को बड़ी राहत मिली है, जहां एमपी- एमएलए कोर्ट ने 2014 विधानसभा चुनाव में आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के मामले में उन्हें बरी कर दिया. मामला गोड्डा जिला के पथरगामा थाना क्षेत्र से जुड़ा था, जहां चुनाव प्रचार के दौरान पोस्टर और झंडे लगाने को लेकर केस दर्ज हुआ था.

कोर्ट में पेश होकर संजय यादव ने सफाई दी. गवाहों के बयान के बाद एसडीजेएम मोहित कुमार चौधरी की अदालत ने साक्ष्य के अभाव में उन्हें दोषमुक्त कर दिया. बाहर निकलते समय संजय यादव ने कहा, “राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में झूठे केस होते हैं, लेकिन कोर्ट में सच सामने आ ही जाता है.”
क्या था मामला
गोड्डा थाना केस नंबर 159/2011, जीआर नंबर 908/2021, IPC की धारा 341, 323, 504 के तहत आरोप तय हुए थे, बाद में धारा 353 भी जोड़ी गई. 22 मई 2023 को आरोप क्रमबद्ध रूप से तय किए गए थे. गवाहों के बयान पूरे होने के बाद कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में बरी किया.
बिहार वोटर लिस्ट पर मंत्री संजय यादव का बयान
बिहार में वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण के बाद 35.5 लाख मतदाताओं के पते पर नहीं मिलने और 54.5 लाख मतदाताओं के फॉर्म नहीं भरने के मुद्दे पर मंत्री संजय यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, “यदि वोटर लिस्ट गलत है तो बिहार के पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनाव रद्द कर फिर से चुनाव कराए जाएं.” उन्होंने केंद्र सरकार और बीजेपी पर भी निशाना साधा, कहा कि भाजपा चुनाव आते ही हिंदू- मुसलमान का मुद्दा उठाकर जनता को गुमराह करती है. अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों पर उन्होंने केंद्र और बीएसएफ को जिम्मेदार ठहराया, पूछा “यदि ये लोग हैं तो कार्रवाई क्यों नहीं हो रही ?”
पीएम मोदी के मोतिहारी कार्यक्रम पर प्रतिक्रिया
18 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मोतिहारी दौरे पर मंत्री संजय यादव ने कहा, “पीएम के कार्यक्रम का कोई खास असर नहीं होगा. झारखंड चुनावों में भी उनके दौरे के बावजूद बीजेपी बुरी तरह हारी थी.” उन्होंने दावा किया कि बिहार की जनता, खासकर युवा और महिलाएं, तेजस्वी यादव को आशीर्वाद देने का मन बना चुकी हैं. आगामी विधानसभा चुनावों की घोषणा अगले महीने होने की संभावना है.

