जमशेदपुर/ सरायकेला: हरियाणा के भिवाड़ी स्थित दिल्ली- जयपुर हाईवे के कापड़ियावास इलाके में एक निर्माणाधीन साइट पर मिट्टी धंसने से झारखंड के जादूगोड़ा और ईचागढ़ क्षेत्र के छह मजदूरों की दर्दनाक मौत मामले में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने संयुक्त रूप से पहल की. दोनों नेताओं के प्रयास से हरियाणा प्रशासन के साथ हुई बैठक में मृतकों के परिजनों को 40-40 लाख रुपये मुआवजा देने, सभी पार्थिव शरीरों को उनके पैतृक आवास तक भेजने तथा परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का निर्णय लिया गया.

इस संबंध में आयोजित बैठक में जिला प्रशासन और श्रम विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे. बैठक में उपायुक्त अजय कुमार, पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा, मानेसर के एसडीएम दर्शन यादव और सहायक श्रम आयुक्त अनिल शर्मा शामिल हुए. अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि सभी औपचारिकताएं पूरी कर जल्द ही पार्थिव शरीर झारखंड भेजे जाएंगे और परिजनों को निर्धारित मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा.
जानकारी के अनुसार एक निर्माणाधीन परियोजना में सेंट्रिंग और खुदाई का काम चल रहा था. इसी दौरान अचानक मिट्टी का बड़ा हिस्सा धंस गया, जिससे कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए. घटना के बाद मौके पर अफरा- तफरी मच गई और राहत- बचाव कार्य शुरू किया गया. मशीनों की मदद से मलबा हटाकर मजदूरों को बाहर निकाला गया, लेकिन छह लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी.
मृतकों की पहचान जादूगोड़ा क्षेत्र के बनगोड़ा गांव निवासी धनंजय महतो, भागीरथ गोप, संजीत गोप उर्फ दुलाल, मंगल महतो तथा ईचागढ़ क्षेत्र के शिवशंकर सिंह मुंडा और परमेश्वर महतो के रूप में हुई है. ये सभी मजदूर हरियाणा में काम करने गए थे और दुर्गा पूजा के दौरान घर लौटने की योजना बना रहे थे. इसी बीच यह दुर्घटना हो गई.
हादसे के बाद जमशेदपुर के जादूगोड़ा और सरायकेला ईचागढ़ क्षेत्र में शोक का माहौल है. ग्रामीणों और परिजनों ने सरकार से मजदूरों की सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाने की मांग की है.

