मधुपुर/ Md Aslam मकर संक्रांति के पर्व को लेकर मधुपुर शहर और आसपास के इलाकों के बाजारों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है. पर्व में अभी कुछ दिन शेष हैं, लेकिन तिलकुट की मिठास से बाजार पूरी तरह महक उठे हैं. जैसे- जैसे मकर संक्रांति नजदीक आ रही है, तिलकुट की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है.

बाजारों में इस समय दो तरह के तिलकुट की खास धूम है. एक चीनी से बने तिलकुट और दूसरे गुड़ से तैयार किए गए पारंपरिक देसी तिलकुट. दुकानदारों के अनुसार, चीनी के तिलकुट सामान्य ग्राहकों की पहली पसंद बने हुए हैं, जबकि शुद्धता और देसी स्वाद के कारण गुड़ के तिलकुट की मांग तेजी से बढ़ रही है. गुड़ के तिलकुट की कीमत चीनी के तिलकुट की तुलना में थोड़ी अधिक बताई जा रही है.
व्यापारियों का कहना है कि इस वर्ष तिल, गुड़ और चीनी के दाम बढ़ने के कारण तिलकुट की लागत में इजाफा हुआ है. इसके बावजूद लोग परंपरा निभाने के लिए खुलकर खरीदारी कर रहे हैं. बाजारों में छोटे पैकेट से लेकर किलो भर तक के तिलकुट उपलब्ध हैं, ताकि हर वर्ग के लोग अपनी जरूरत और बजट के अनुसार खरीदारी कर सकें.
खरीदारी करने आए लोगों का कहना है कि मकर संक्रांति केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण उत्सव है. इस दिन तिलकुट का दान और सेवन शुभ माना जाता है, इसलिए परिवार के सभी सदस्य इस पर्व पर तिलकुट अवश्य लेते हैं.
मकर संक्रांति को लेकर बाजारों की सजावट, मिठाइयों की दुकानों पर चहल-पहल और ग्राहकों की आवाजाही ने पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना दिया है. कुल मिलाकर तिलकुट की मिठास ने न सिर्फ घरों में बल्कि बाजारों में भी खुशी और उल्लास भर दिया है, और मकर संक्रांति का रंग हर ओर साफ दिखाई दे रहा है.

