मधुपुर: Md. Aslam शहर में ख्वाजा गरीब नवाज़ؒ हज़रत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती अजमेरी की 814वीं छठी शरीफ के मुबारक अवसर पर अकीदत और एहतराम के साथ फातिहा ख़्वानी और लंगर का आयोजन किया गया. इस दौरान शहर के लखना मोहल्ला, मदीना मोहल्ला, खलासी मोहल्ला, इसलामबाग तिलैया, नबी बख्श रोड, पनाह कोला, बेलपाडा, कमर मंज़िल रोड, पटवाबाद, फतेहपुर 52 बीघा सहित कई इलाकों में धार्मिक आयोजन संपन्न हुए, जिनमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की.

कार्यक्रम के दौरान लखना मोहल्ला मस्जिद के खतीब व इमाम हज़रत मौलाना मुबाशीरुल इस्लाम नूरी और हाफिज़ व क़ारी तोहिद रज़ा ने ख्वाजा गरीब नवाज़ؒ की ज़िंदगी, उनके संघर्ष और समाज के लिए की गई ख़िदमत पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि ख्वाजा गरीब नवाज़ؒ की तालीमात मोहब्बत, अमन- ओ- शांति, भाईचारे, सहिष्णुता और ख़िदमत-ए-ख़ल्क पर आधारित हैं, जो आज भी समाज को सही दिशा दिखाती हैं.
फातिहा ख़्वानी के बाद लंगर का एहतमाम किया गया, जिसमें बच्चों, बुज़ुर्गों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. आयोजकों ने कहा कि इस तरह के धार्मिक और सामाजिक आयोजन समाज में सौहार्द को मजबूत करते हैं और आपसी भाईचारे की भावना को बढ़ावा देते हैं.
अंत में देश और समाज की तरक़्क़ी, अमन-चैन की सलामती और आपसी भाईचारे के लिए विशेष दुआएं की गईं. इस मौके पर मुख्तार आलम, मोहम्मद काशिफ सज़ा, वसीम अकरम, साबिर अंसारी, आसिफ़ रज़ा, मोहम्मद साक़िब, अहमद रज़ा, मोहम्मद नसीम, अकील अजहर, मोहम्मद अजमल सहित अनेक लोगों ने सक्रिय भागीदारी निभाई.

